Japan-India
Japan-India: नई दिल्ली: जापान की तीन प्रमुख ऑटो कंपनियां टोयोटा, होंडा और सुजुकी अब चीन पर निर्भरता घटाकर भारत में बड़ा दांव लगाने जा रही हैं। ये कंपनियां भारत में लगभग 11 अरब डॉलर (करीब 90,000 करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना बना रही हैं। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है।
Japan-India: टोयोटा भारत में हाइब्रिड कारों के पुर्जों का स्थानीय उत्पादन बढ़ा रही है और 2030 तक 15 नए मॉडल लॉन्च करने का लक्ष्य रखती है। वहीं, सुजुकी अपनी भारतीय इकाई मारुति सुजुकी के जरिए 8 अरब डॉलर का निवेश कर उत्पादन क्षमता को 4 मिलियन वाहनों प्रति वर्ष तक पहुंचाएगी। सुजुकी के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी के अनुसार, कंपनी भारत को ग्लोबल प्रोडक्शन हब बनाना चाहती है।
Japan-India: होंडा ने भी भारत को अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) रणनीति का केंद्र घोषित किया है। कंपनी 2027 से भारत में “जीरो सीरीज” ईवी बनाकर जापान और एशियाई देशों को निर्यात करेगी।
Japan-India: विशेषज्ञों के अनुसार, चीन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ईवी कीमतों की जंग के बीच भारत जापानी कंपनियों के लिए बेहतर विकल्प बन गया है। ‘मेक इन इंडिया’ नीति, 8% जीडीपी ग्रोथ और स्थिर कारोबारी माहौल के चलते भारत अब जापान के लिए उभरता हुआ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनता जा रहा है।
