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Japan–Brazil Relations: जापान-ब्राजील संबंधों की 130वीं वर्षगांठ पर जापान की राजकुमारी काको को ब्राजील ने किया सम्मानित

Dev Verma
Japan–Brazil Relations
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Japan–Brazil Relations

Japan–Brazil Relations: ब्रासीलिया : जापान और ब्राजील के बीच 130 वर्षों पुराने राजनयिक संबंधों को चिन्हित करते हुए, जापान की राजकुमारी काको ऑफ अकिशिनो को ब्राजील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द इपिरंगा’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साओ पाउलो में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राजकुमारी काको, जो जापान के सम्राट नारुहितो की भतीजी और युवराज फूमिहितो (अकिशिनो) की कनिष्ठ पुत्री हैं, इन दिनों ब्राजील की 11 दिवसीय यात्रा पर हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान वह ब्राजील में बसे जापानी मूल के समुदाय से भी संवाद कर रही हैं।

Japan–Brazil Relations: गुरुवार को साओ पाउलो पहुंचने के बाद, राजकुमारी ने स्थानीय जापानी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और शुक्रवार की शाम को राज्यपाल टार्सिसियो डी फ्रीटास के साथ राजकीय भोज में शामिल हुईं। इसी दौरान उन्हें ब्राजील सरकार की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। राजकुमारी काको अपनी इस यात्रा में रियो डी जेनेरियो, ब्रासीलिया और अन्य सात शहरों का भी दौरा करेंगी। संभावना है कि इस दौरान वह ब्राजील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला दा सिल्वा से भी मुलाकात करेंगी।

Japan–Brazil Relations: जापान में लोकप्रिय हैं राजकुमारी काको

राजकुमारी काको जापान में काफी लोकप्रिय हैं। न केवल वह अपनी सुंदरता और शालीन व्यवहार के लिए जानी जाती हैं, बल्कि उन्हें देश की भावी पीढ़ी की उम्मीद के रूप में भी देखा जाता है। उनकी तुलना अक्सर उनकी दादी शोडा मिचिको से की जाती है, जो जापान की पहली सामान्य नागरिक थीं जिन्होंने सम्राट से विवाह कर शाही परिवार की सदस्यता प्राप्त की थी।

Princess Kako turns 27, wishes sister happiness in her new life | The Asahi  Shimbun: Breaking News, Japan News and Analysis

Japan–Brazil Relations: शाही परिवार रहा है सुर्खियों में

गौरतलब है कि राजकुमारी काको की बड़ी बहन राजकुमारी माको पहले ही शाही मर्यादाओं को पीछे छोड़कर एक आम नागरिक से विवाह कर चुकी हैं। इस निर्णय ने जापान में शाही परिवार और परंपराओं को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी। जापान में महिलाओं को शाही सिंहासन पर बैठने की अनुमति नहीं है, इस कारण राजकुमारी काको का राजनीतिक उत्तराधिकार का अधिकार नहीं है, लेकिन उनके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


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