रायपुर : IT Raid Survey : रायपुर और धमतरी में आयकर विभाग (IT) की रेड के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। छापेमारी के बाद ज्वेलर्स ने कुल 15 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए, जिसमें रायपुर के एक ज्वेलर ने 10 करोड़ और धमतरी के ज्वेलर ने 5 करोड़ रुपये सरेंडर किए।
आयकर विभाग की 30 सदस्यीय टीम ने रायपुर और धमतरी में ज्वेलर्स के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध लेनदेन और स्टॉक में गड़बड़ियों का मामला सामने आया।
क्या-क्या मिला रेड में?
आय से अधिक खर्च: ज्वेलर्स की घोषित आय और उनके खर्चों में बड़ा अंतर पाया गया।
संदिग्ध लेनदेन: कई बैंकों और निजी खातों में भारी कैश ट्रांजेक्शन मिले।
स्टॉक में गड़बड़ी: स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक सोने-चांदी के भंडार में अंतर पाया गया।
सरेंडर क्यों किया गया?
जांच के दौरान ज्वेलर्स ने स्वीकार किया कि कुछ संपत्ति और आय कर योग्य थी, लेकिन उसे घोषित नहीं किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने 15 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए।
आगे क्या?
आयकर विभाग जांच को और आगे बढ़ा सकता है और अन्य संबंधित व्यापारियों की भी जांच हो सकती है।
अगर किसी बड़े नेटवर्क या कर चोरी के रैकेट की पुष्टि होती है, तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सरकार की अघोषित संपत्ति और काले धन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस रेड के बाद व्यापार जगत में हलचल मच गई है, और संभावना है कि अन्य व्यवसायों पर भी IT विभाग की नजर बनी रहेगी।