Iran-Israel War
Iran-Israel War: तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे सटीक हमलों पर वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है। बता दें कि हाल ही में कुवैत में हुए हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की इतनी सटीक जानकारी कैसे मिल रही है।
Iran-Israel War: एक नई रिपोर्ट के अनुसार, रूस ईरान को मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों की रियल-टाइम खुफिया जानकारी दे रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि इसमें एक और बड़ी महाशक्ति की अप्रत्यक्ष भागीदारी मानी जाएगी।
Iran-Israel War: वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में दावा
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट में एक अधिकारी और कई विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि रूस की मदद कितनी गहरी है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के शुरुआती दिनों में ईरान की अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को ट्रैक करने की क्षमता सीमित थी। ऐसे में अगर रूस खुफिया जानकारी दे रहा है, तो इससे यह समझ आता है कि ईरान के कुछ हमले इतने सटीक कैसे हो रहे हैं।
Iran-Israel War: बता दें कि संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और अन्य लक्ष्यों पर हजारों ड्रोन और सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों में कई बार अमेरिकी सैन्य ढांचे को सीधा निशाना बनाया गया है।
Iran-Israel War: यूएस रडार और कमांड सिस्टम पर फोकस
रूस के सैन्य मामलों की विशेषज्ञ दारा मैसिकॉट के अनुसार, ईरान विशेष रूप से रडार सिस्टम और कमांड-एंड-कंट्रोल केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ढांचों को निशाना बना रहा है। उनका कहना है कि रूस की उन्नत सैटेलाइट तकनीक ईरान की टारगेटिंग क्षमता को मजबूत कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान के पास खुद इतने उन्नत सैन्य उपग्रह नहीं हैं।
Iran-Israel War: ऐसे में रूस से मिलने वाली सैटेलाइट तस्वीरें और खुफिया जानकारी ईरान के लिए बेहद अहम साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस की इस कथित मदद की पुष्टि होती है, तो मध्य-पूर्व का यह संघर्ष और जटिल हो सकता है। इससे क्षेत्रीय तनाव के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी कूटनीतिक और सैन्य समीकरण बदल सकते हैं।
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