US-Iran peace talks: इस्लामाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच संभावित वार्ता को लेकर नई हलचल सामने आई है। मंगलवार को आई रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की वार्ता में शामिल होने की इच्छा जताई है और अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने पर विचार कर रहा है।
US-Iran peace talks: अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों ने दूसरे दौर की बातचीत के लिए सहमति जताई है। ईरान ने यह जानकारी मध्यस्थता कर रहे अधिकारियों को दी है।
US-Iran peace talks: सूत्रों के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालिबाफ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं। हालांकि, उनकी भागीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या अमेरिकी नेता जेडी वेंस भी वार्ता में शामिल होंगे।
US-Iran peace talks: ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तरह की बातचीत “धमकियों के साए” में नहीं करेगा। दूसरी ओर, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता।
US-Iran peace talks: इन परिस्थितियों के बीच अगली वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह अपने प्रतिनिधिमंडल को इस्लामाबाद भेजने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिकी दल जल्द ही पाकिस्तान पहुंच सकता है, जहां इस संकट को खत्म करने पर चर्चा होगी।
US-Iran peace talks: पहले दौर की वार्ता बेनतीजा
बता दें कि, इससे पहले इस्लामाबाद में हुई बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन के आरोप लगाए थे। ऐसे में अब होने वाली संभावित वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यही बातचीत क्षेत्र में शांति की दिशा तय कर सकती है।
US-Iran peace talks: University of Tehran के एसोसिएट प्रोफेसर जोहरान का कहना है कि ईरान फिलहाल संघर्ष को दोबारा शुरू करने से बचना चाहता है, लेकिन वह खुद को मजबूत स्थिति में मानता है और जरूरत पड़ने पर युद्ध के लिए तैयार है।
US-Iran peace talks: उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि उनके सख्त बयानों के बावजूद वास्तविक स्थिति का आकलन जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान अपने इस रुख पर कायम है कि धमकी के माहौल में कोई भी वार्ता संभव नहीं होगी।

