भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मैच में, कंगारू गेंदबाजों ने एक बार फिर विराट कोहली की तकनीकी कमजोरी को उजागर कर दिया। इन गेंदबाजों ने उनकी बल्लेबाजी की तकनीक में उस हिस्से की पहचान की, जो पिछले 10 सालों से चर्चा में है। इस कमजोरी के चलते कोहली मुश्किल में नजर आए और उन्हें रन बनाने में कठिनाई हुई।
कोहली की बैटिंग में यह कमी लंबे समय से क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा में रही है। इस स्थिति ने टीम इंडिया के फैन्स और क्रिकेट जानकारों के बीच एक बार फिर चिंता पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि क्या विराट कोहली इस चुनौती से उबरने के लिए अपनी तकनीकी खामियों को सुधार सकते हैं और कंगारू गेंदबाजों के सामने टिक कर एक प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं।
साल 2014 के इंग्लैंड दौरे में विराट कोहली की बल्लेबाजी तकनीकी कमजोरी पूरी तरह से उजागर हो गई थी, जहां उन्हें इंग्लिश टीम के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। उस दौरे में 14 पारियों के दौरान कोहली एक अर्धशतक भी नहीं लगा सके। अब 10 साल बाद, बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में एक बार फिर वही कमजोरी सामने आई है। कंगारू तेज गेंदबाजों ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा है, जिसमें विराट हर बार फंसकर पवेलियन लौट रहे हैं।