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गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभारंभ : आज से शुरू हुआ देवी उपासना का पावन पर्व...

Puja Rahi
गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभारंभ
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गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभारंभ

गुप्त नवरात्रि 2025 : गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 30 जनवरी 2025 से हो रहा है। यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र साधना करने वाले साधकों के लिए विशेष महत्व रखती है। साल में दो बार गुप्त नवरात्रि आती है – माघ और आषाढ़ माह में। इन नौ दिनों में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है, जिससे भक्तों को सिद्धि, सफलता और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गुप्त नवरात्रि का महत्व

गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से गुप्त साधनाओं और विशेष अनुष्ठानों के लिए जानी जाती है। यह तांत्रिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होती है। साधक इस दौरान मां काली, तारा, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला और षोडशी की साधना करते हैं। इन महाविद्याओं की उपासना करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

गुप्त नवरात्रि में पूजन विधि

गुप्त नवरात्रि के दौरान की जाने वाली पूजा विधि विशेष होती है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष रूप से आराधना की जाती है।

पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प – प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  2. कलश स्थापना – शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें और मां दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. अखंड ज्योति जलाएं – अखंड ज्योति प्रज्वलित करना शुभ होता है।
  4. दस महाविद्याओं की आराधना
    – मां काली, तारा, भुवनेश्वरी आदि की पूजा करें।
  5. दुर्गा सप्तशती का पाठ – दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  6. हवन और मंत्र जाप – अंतिम दिन हवन और विशेष मंत्र जाप करें।
  7. दान और सेवा – ब्राह्मणों, साधुओं और जरूरतमंदों को भोजन कराएं और दान करें।

गुप्त नवरात्रि के दिव्य उपाय

गुप्त नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की परेशानियां समाप्त हो सकती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

  1. विवाह में बाधा दूर करने के लिए – मां दुर्गा को लाल चुनरी अर्पित करें और ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जाप करें।
  2. धन-समृद्धि के लिए – घर के पूजा स्थान में केसर मिश्रित जल छिड़कें और मां लक्ष्मी की उपासना करें।
  3. नकारात्मक ऊर्जा से बचाव – घर में गुग्गल, लोबान और कपूर का धुआं करें।
  4. शत्रु बाधा से मुक्ति के लिए – बगलामुखी देवी की साधना करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  5. स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए – मां काली को गुड़-चने का भोग लगाएं और प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

गुप्त नवरात्रि एक अत्यंत शुभ अवसर होता है, जिसमें मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की आराधना करने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं। श्रद्धा और समर्पण के साथ पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति का वरदान प्राप्त होता है।


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