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हिमाचल: विश्व बैंक पोषित बागवानी विकास परियोजना का शुरू होगा चरण दो

हिमाचल: विश्व बैंक पोषित बागवानी विकास परियोजना का शुरू होगा चरण दो
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गवानी विकास परियोजना का फेस-2 लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फेस-2 में बागवानी के अलावा कृषि, पशुपालन और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास होंगे।

हिमाचल प्रदेश में विश्व बैंक पोषित बागवानी विकास परियोजना का फेस-2 लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फेस-2 में बागवानी के अलावा कृषि, पशुपालन और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास होंगे। बागवानी विकास परियोजना फेस-1 के प्रभावी क्रियान्वयन से विश्व बैंक संतुष्ट है और फेस-2 के वित्त पोषण के लिए भी प्रारंभिक तौर पर तैयार है। एचपीएमसी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सचिव बागवानी सी पालरासु ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र ने राज्य सरकार को विदेशी एजेंसियों से मिलने वाली वित्तीय मदद की सीमा तय कर रखी है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही बागवानी विकास परियोजना का फेस-2 लागू हो सकता है।

प्रोजेक्ट डिजाइन में जुटी सरकार

प्रदेश सरकार अपने स्तर पर प्रोजेक्ट डिजाइन में जुटी है। खास बात यह है कि विश्व बैंक ने हिमाचल में लागू प्रोजेक्ट को पूरे देश के लिए मॉडल प्रोजेक्ट की श्रेणी में रखा गया है। हिमाचल में तैयार सेब की पौध के लिए लद्दाख और जम्मू-कश्मीर से भी मांग आई है। विभिन्न किस्मों केे 1.50 पौधे लद्दाख को उपलब्ध करवाए गए हैं। एशियन विकास बैंक के सहयोग से सेब की वायरस फ्री पौध के लिए क्लीन प्लांट प्रोग्राम भी शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में हिमाचल और उत्तराखंड का क्लस्टर बनाया गया है। इस परियोजना के तहत सेब की पौध के प्रमाणीकरण की व्यवस्था होगी। पालरासु ने बताया कि पर्याप्त समय न मिलने के कारण प्रोजेक्ट के तहत एग्री बिजनेस प्रमोशन और प्रोसेसिंग मार्केटिंग में हिमाचल बहुत बेहतर नहीं कर सका।


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