Himachal: हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 रद्द, अनुबंध सेवा लाभ बहाल

Himachal
Himachal
Himachal: नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (Himachal Pradesh High Court) ने एक अहम फैसले में हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से कानून में बदलाव कर न्यायालय के आदेशों को निष्प्रभावी करने का प्रयास कर रही थी।
Himachal: न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने करीब 450 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पाया कि अधिनियम की कई धाराएं संविधान के विपरीत थीं। इन धाराओं को हटाने के बाद कानून का कोई अस्तित्व नहीं बचता, इसलिए पूरे अधिनियम को निरस्त कर दिया गया। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि तीन माह के भीतर पात्र कर्मचारियों को उनके सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
Himachal: अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कानून के तहत की गई सभी कार्रवाई, लाभों में कटौती या रिकवरी के आदेश स्वतः रद्द माने जाएंगे। कोर्ट ने इसे शक्तियों के पृथक्करण और कानून के शासन के खिलाफ बताया। साथ ही, 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को लाभ से वंचित करना भेदभावपूर्ण माना गया। अदालत ने दोहराया कि नियमितीकरण के बाद कर्मचारियों को उनकी पूर्व अनुबंध सेवा के आधार पर वरिष्ठता और अन्य लाभ मिलना चाहिए। अब राज्य सरकार इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने पर विचार कर रही है।


