जहां पूरा रायपुर शहर नए साल का जश्न मना रहा था, वहीं समाजसेवी हर्षित सिंघानिया और उनकी टीम ने इसे असहाय और जरुरतमंद लोगों के साथ मनाने का फैसला किया। एक अच्छा काम मुहिम के तहत हर्षित और उनकी टीम ने न केवल जरुरतमंदों के लिए भोजन की व्यवस्था की, बल्कि मानव सेवा के साथ-साथ जीव सेवा का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
500 लोगों को भोजन और जीव सेवा का अनोखा प्रयास
हर्षित सिंघानिया की अनुपस्थिति में भी उनकी टीम ने इस नेक कार्य को आगे बढ़ाया। टीम ने रायपुर के विभिन्न स्थानों पर जाकर 500 से अधिक जरुरतमंदों को भोजन के पैकेट वितरित किए। इसके अलावा, उन्होंने गायों और कुत्तों को भी बिस्किट खिलाकर जीव सेवा का परिचय दिया।
भोजन वितरण का मार्ग
टीम ने घड़ी चौक से शुरूआत करते हुए बंजारी दरगाह, सिविल लाइन काली मंदिर, रेलवे स्टेशन, राठौर चौक, श्रीनगर और GE रोड जैसे स्थानों पर जरुरतमंदों को भोजन बांटा।
नए साल पर समाज सेवा का संदेश
जब पूरा शहर पार्टी और जश्न में डूबा हुआ था, उस समय हर्षित सिंघानिया की टीम ने दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम किया। हर्षित, भले ही शहर से बाहर थे, लेकिन वह लगातार फोन के माध्यम से अपनी टीम के संपर्क में रहे और इस अभियान का नेतृत्व किया।
एक प्रेरणादायक पहल
इस अनूठी पहल ने यह साबित किया कि नया साल केवल मौज-मस्ती का नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने का भी समय है। हर्षित सिंघानिया और उनकी टीम ने अपने इस प्रयास से समाज सेवा का एक नया उदाहरण पेश किया है, जो हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है।
यह अनोखा जश्न दिखाता है कि खुशी बांटने से जश्न और भी खास बनता है। एक अच्छा काम मुहिम के जरिए हर्षित और उनकी टीम ने रायपुर में नए साल की शुरुआत एक सकारात्मक संदेश के साथ की।