पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन: पीएम मोदी ने कूटनीति और विदेश नीति में उनके योगदान को सराहा

नई दिल्ली/भरतपुर। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार रात गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 95 वर्ष के थे। नटवर सिंह का जन्म 1931 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था और वे एक अनुभवी राजनयिक थे जिन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
नटवर सिंह ने 2004-2005 के दौरान यूपीए-1 सरकार में भारत के विदेश मंत्री के रूप में सेवा दी और पाकिस्तान में भारत के राजदूत भी रहे। वे 1966 से 1971 तक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय में भी कार्यरत रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नटवर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "श्री नटवर सिंह जी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने कूटनीति और विदेश नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे अपनी बुद्धिमत्ता और लेखन के लिए भी प्रसिद्ध थे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"
नटवर सिंह केवल एक प्रमुख राजनेता ही नहीं, बल्कि एक कुशल लेखक भी थे। उनकी प्रमुख रचनाओं में "द लेगेसी ऑफ नेहरू: ए मेमोरियल ट्रिब्यूट," "माई चाइना डायरी 1956-88," और उनकी आत्मकथा "वन लाइफ इज़ नॉट इनफ" शामिल हैं।


