फेंगल चक्रवात का रौद्र रूप तेज़ हवाओं और भारी बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड
रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान फेंगल अब तेज़ रफ्तार में तब्दील हो चुका है और इसके असर से पूरे दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात आज रात तक पुडुचेरी और तमिलनाडु के तटीय इलाकों से टकरा सकता है, जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है।
चक्रवात का असर
तूफान के कारण, तमिलनाडु, पुडुचेरी, और आंध्र प्रदेश के कई तटीय इलाके प्रभावित होंगे। भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के कारण इन क्षेत्रों में जनजीवन बाधित हो गया है। चेन्नई में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है, वहीं कई उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने भी अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इसके अलावा, पुडुचेरी में भी अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल चक्रवात आज रात तक तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है। इसके साथ ही, 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस दौरान छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जिससे सर्दी का असर बढ़ेगा।
भारत के अन्य हिस्सों में मौसम
चक्रवात के असर से उत्तर तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की बर्फबारी की संभावना है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, और झारखंड में भी आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
ट्रेन सेवाएं और परीक्षाएं प्रभावित
चक्रवात के चलते रेलवे विभाग ने कई ट्रेनों को निलंबित कर दिया है। मद्रास विश्वविद्यालय ने रविवार को होने वाली डिस्टेंस मोड परीक्षाओं को 15 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है।
छत्तीसगढ़ का मौसम
रायपुर मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 30 नवंबर से हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, और सुबह के समय कोहरा भी छा सकता है।
अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहें
सभी संबंधित क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से घरों के अंदर रहने और यात्रा से बचने की अपील की है।
