नई दिल्ली। Exit Poll Delhi Election : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान खत्म हो चुका है और मतगणना से पहले एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं। इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बहुमत मिलता हुआ दिख रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए यह नतीजे चिंता बढ़ाने वाले हैं। 25 साल के लंबे अंतराल के बाद भाजपा की दिल्ली की सत्ता में वापसी संभव मानी जा रही है।
कई प्रमुख सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा 39 से 50 सीटों तक जीत सकती है, जो बहुमत के लिए जरूरी 36 सीटों से काफी ऊपर है। दूसरी ओर, 10 साल से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी 18 से 28 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब दिखाई दे रही है, और उसे 0 से 3 सीटों तक सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है।
एग्जिट पोल के अनुमानित नतीजे
| एग्जिट पोल एजेंसी | भाजपा | आप | कांग्रेस |
| चाणक्य स्ट्रैटेजीज | 39-44 | 25-28 | 2-3 |
| पी-मार्क | 39-49 | 21-31 | 0-1 |
| पोल डायरी | 42-50 | 18-25 | 0-2 |
बीजेपी की सत्ता में वापसी के कारण
दिल्ली में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
- मोदी फैक्टर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का सीधा असर दिल्ली चुनाव पर पड़ा है। केंद्र सरकार की योजनाएं और उनकी छवि भाजपा के लिए फायदेमंद रही।
- हिंदुत्व और राष्ट्रवाद: भाजपा ने चुनाव प्रचार में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया, जिससे हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण हुआ।
- कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन: कांग्रेस इस बार भी अपनी स्थिति सुधारने में विफल रही, जिससे भाजपा को फायदा हुआ।
- आप सरकार की नीतियों पर असंतोष: आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज, खासतौर पर महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और बिजली-पानी के मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष देखा गया।
AAP के लिए मुश्किलें बढ़ीं
आम आदमी पार्टी के लिए एग्जिट पोल के नतीजे चिंता बढ़ाने वाले हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले फ्री बिजली-पानी और सरकारी स्कूलों की बेहतरी को मुख्य मुद्दा बनाया था, लेकिन भाजपा की आक्रामक रणनीति के सामने यह प्रचार कमजोर पड़ता नजर आया।
AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "हम एग्जिट पोल के नतीजों से सहमत नहीं हैं। 8 फरवरी को जब वोटों की गिनती होगी, तब सच्चाई सामने आएगी। जनता ने हमारे कामों पर भरोसा जताया है और हमें पूरा विश्वास है कि हम सत्ता में वापसी करेंगे।"
कांग्रेस का लगातार पतन
कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। 2013 के चुनावों में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस अब तक खुद को पुनर्जीवित नहीं कर पाई है। इस बार भी पार्टी 3 सीटों से ज्यादा हासिल करती नहीं दिख रही, जिससे साफ है कि दिल्ली में कांग्रेस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा।
अंतिम नतीजे 8 फरवरी को आएंगे
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एग्जिट पोल हमेशा सही साबित नहीं होते। 8 फरवरी को जब वोटों की गिनती होगी, तभी असली तस्वीर सामने आएगी। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं, तो दिल्ली में भाजपा की 25 साल बाद वापसी होगी
और आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगेगा।अब सभी की नजरें 8 फरवरी पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद यह तय होगा कि दिल्ली की सत्ता पर कौन काबिज होगा।