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Nana Patekar Family: 75 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए नाना, बचपन में खोया पिता, भाई-बहनों की मौत, पत्नी से अलग रहकर गुजारी जिंदगी, जानें उनके बारे में

Nana Patekar Family: नाना पाटेकर के निधन के बाद जानिए उनके परिवार, पत्नी नीलकांति, बेटे मल्हार, माता-पिता और संघर्षों से जुड़ी खास बातें।

Nana Patekar Family: 75 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए नाना, बचपन में खोया पिता, भाई-बहनों की मौत, पत्नी से अलग रहकर गुजारी जिंदगी, जानें उनके बारे में
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मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को भावुक कर दिया है। पर्दे पर अपनी दमदार आवाज, तीखे संवाद और अलग अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले नाना की निजी जिंदगी भी कम उतार-चढ़ाव वाली नहीं थी। उनके निधन के बाद अब उनके फैंस उनकी फिल्मों के साथ-साथ परिवार और निजी जीवन से जुड़ी बातें भी जानना चाह रहे हैं।

विश्वनाथ पाटेकर था नाना का असली नाम

नाना पाटेकर का जन्म विश्वनाथ पाटेकर के नाम से 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र में हुआ था। उनका बचपन आर्थिक परेशानियों के बीच गुजरा। अभिनय की दुनिया में आने से पहले उन्होंने छोटे-मोटे काम किए और पोस्टर बनाने का काम भी किया।

नाना ने बाद में कई इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह कम उम्र में फिल्मी पोस्टर बनाया करते थे और इसके बदले उन्हें महीने के 35 रुपए और एक वक्त का खाना मिलता था। एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने यह भी बताया था कि मुश्किल दौर में वह कई किलोमीटर पैदल चलकर काम पर जाते थे।

यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय का हिस्सा भी बना। थिएटर से शुरुआत करने के बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई।

परिवार में सात भाई-बहन थे, लेकिन अंत में अकेले रह गए

नाना पाटेकर ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने परिवार के बारे में भावुक होकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह सात भाई-बहनों में से एक थे, लेकिन समय के साथ उनके माता-पिता और भाई-बहनों का निधन हो गया।



उन्होंने यह भी कहा था कि परिवार के बाकी सदस्यों के चले जाने के बाद वह खुद को अकेला महसूस करते थे। निजी जीवन के इस दर्द का जिक्र नाना कई मौकों पर बेहद सहज लेकिन भावुक अंदाज में करते रहे।

कम उम्र में पिता को खो दिया था

नाना पाटेकर के जीवन में उनके पिता का निधन शुरुआती दौर में ही हो गया था। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक मुश्किलों का असर उनके बचपन पर पड़ा।

उनकी मां के साथ उनका रिश्ता बेहद गहरा था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी मां का निधन 2019 में 99 वर्ष की उम्र में हुआ था। मां के जाने के बाद नाना ने कई बार परिवार से जुड़े अपने अकेलेपन और पुराने दिनों को याद किया था।

नाना पाटेकर की पत्नी कौन थीं?

नाना पाटेकर ने नीलकांति पाटेकर से 1978 में शादी की थी। दोनों की शादीशुदा जिंदगी लंबे समय तक चर्चा में रही। बाद के वर्षों में दोनों अलग रहने लगे, हालांकि दोनों के बीच औपचारिक तलाक की खबर नहीं रही।

नाना अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से काफी हद तक दूर रखते थे। यही वजह है कि उनके परिवार के बारे में लोगों को उनकी फिल्मों और सार्वजनिक जीवन की तुलना में कम जानकारी रही।

बेटे मल्हार पाटेकर से था खास रिश्ता

नाना पाटेकर और नीलकांति का बेटा मल्हार पाटेकर है। नाना के निधन की पुष्टि भी उनके बेटे की ओर से हुई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नाना को गोवा स्थित उनके घर में बेहोशी की हालत में पाए जाने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नाना के परिवार में एक और बड़ा दुख भी रहा। उनके बड़े बेटे की कम उम्र में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इस घटना ने अभिनेता की निजी जिंदगी पर गहरा असर डाला था।

पोस्टर बनाने से नेशनल अवॉर्ड तक का सफर

नाना पाटेकर की जिंदगी की कहानी संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की कहानी है। आर्थिक मुश्किलों के बीच काम शुरू करने वाले नाना ने थिएटर से होते हुए फिल्मों में अपनी जगह बनाई।

1978 की ‘गमन’ से फिल्मी सफर शुरू करने के बाद उन्होंने ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

गंभीर किरदारों के साथ कॉमेडी में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। ‘वेलकम’ का उदय शेट्टी आज भी उनके सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है।

परिवार के दुखों के बीच बनाई अपनी अलग पहचान

नाना पाटेकर की जिंदगी में निजी दुख कम नहीं रहे। कम उम्र में पिता को खोना, परिवार के सदस्यों का एक-एक कर चले जाना, आर्थिक मुश्किलों से गुजरना और निजी जीवन में आए उतार-चढ़ाव—इन सबके बावजूद उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई।

यही वजह है कि उनके निधन के बाद उनके प्रशंसक सिर्फ उनकी फिल्मों को याद नहीं कर रहे, बल्कि उस इंसान की कहानी भी जानना चाहते हैं जिसने संघर्ष से शुरुआत कर भारतीय सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई।


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