दुर्ग आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस ने सेक्टर-6 पुलिस ग्राउंड में मिलकर स्कूली बसों का व्यापक निरीक्षण किया। इस जांच शिविर में जिले के विभिन्न स्कूलों से कुल 243 स्कूली बसें जांच के लिए पहुंचीं। इस दौरान आरटीओ प्रभारी विष्णु ठाकुर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौजूद रहे। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया।
जांच के मुख्य बिंदु:
शिविर में सबसे पहले बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, बीमा, पीयूसी, रोड टैक्स और वाहन चालक के लाइसेंस सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद बसों के मैकनिकल फिटनेस का निरीक्षण किया गया, जिसमें हेड लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, टायर, क्लच, स्टेरिंग, सीट, हॉर्न और वाइपर जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस पर फोकस:
आरटीओ टीम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 14 बिंदुओं की गाइडलाइंस के तहत जांच की। इसमें जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गर्वनर, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट ऐड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और बस पर स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर अंकित होना अनिवार्य है।
आरटीओ प्रभारी विष्णु ठाकुर ने बताया कि शिविर के दौरान यदि किसी बस में खामियां पाई जाती हैं तो मोटर यान अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। अगले रविवार को उन स्कूल बसों की जांच की जाएगी, जो आज उपस्थित नहीं हो पाईं। यह अभियान स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।