Dr. Kuldeep Solanki: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में डॉ. कुलदीप सोलंकी को मिला सम्मान

Dr. Kuldeep Solanki
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Dr. Kuldeep Solanki: रायपुर। रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता और छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी को अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सिख इतिहास के महान बलिदानों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
Dr. Kuldeep Solanki: डॉ. कुलदीप सोलंकी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की वीरता, त्याग और सर्वोच्च बलिदान को देशभर में सम्मान दिलाने के लिए एक सशक्त जनआंदोलन खड़ा किया। यह अभियान मुग़ल काल में हुए अत्याचारों के विरुद्ध धर्म और आस्था की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले साहिबजादों की स्मृति को सरकारी स्तर पर सम्मानित करने की मांग से जुड़ा था।

Dr. Kuldeep Solanki: वर्ष 2020 में शुरू हुई इस मुहिम के तहत डॉ. सोलंकी ने “वीर बाल दिवस” को शासकीय आयोजन के रूप में मनाने की मांग को लगातार उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता फैलाई और केंद्र सरकार के समक्ष अपने तर्कों को औपचारिक रूप से रखा। इस दौरान सैकड़ों नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी सौंपे गए।
Dr. Kuldeep Solanki: उनके निरंतर प्रयासों और जनसमर्थन का परिणाम यह रहा कि भारत सरकार ने इस मांग को स्वीकार किया। 9 जनवरी 2022 को आधिकारिक घोषणा करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को “वीर बाल दिवस” मनाए जाने का निर्णय लिया गया, जिसे भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित कर विधिवत मान्यता भी प्रदान की गई। डॉ. कुलदीप सोलंकी को मिला यह सम्मान उनके सामाजिक योगदान और ऐतिहासिक चेतना को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।


