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Diwali 2025: देशभर में आज मनाई जा रही रौशनी और समृद्धि की दिवाली, बन रहा शुभ ‘हंस महापुरुष राजयोग’, जानें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

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Diwali 2025
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Diwali 2025

Diwali 2025: धर्म डेस्क: रौशनी, उल्लास और नई शुरुआत का प्रतीक पर्व दिवाली इस वर्ष 20 अक्तूबर 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व हर घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम जब 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से दीपावली को “दीपों का त्योहार” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में धन, यश और वैभव की प्राप्ति होती है।


Diwali 2025: लक्ष्मी पूजन का महत्व और शुभ मुहूर्त

दिवाली के दिन महालक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। यह पूजा प्रदोष काल और स्थिर लग्न में करने से सर्वोत्तम फल देती है। इस वर्ष प्रदोष काल शाम 05:36 से रात 08:07 बजे तक रहेगा, जबकि स्थिर वृषभ लग्न 06:59 से 08:56 बजे तक रहेगा। इस अवधि में लक्ष्मी पूजन करना अत्यंत शुभ माना गया है। लक्ष्मी पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त रात 07:08 से 08:18 बजे तक रहेगा। जो लोग इस समय पूजा नहीं कर पाते, वे सिंह लग्न (रात 01:48 से सुबह 04:05 बजे) में भी पूजा कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मध्यरात्रि में पूजन करने से भी समान फल प्राप्त होता है।

Diwali 2025: पूजा विधि और सामग्री

-दिवाली पूजन से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल से शुद्धिकरण करें। मुख्य द्वार पर रंगोली और तोरण लगाएं। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। कमल का फूल, चांदी का सिक्का, फल, मिठाई और नए वस्त्र अर्पित करें।

-घी के दीपक जलाकर घर के सभी कोनों में रखें और लक्ष्मी-गणेश की आरती करें। पूजा में गंगाजल, फूल, सिंदूर, पंचामृत, शहद, कलश, शंख, आसन, सुपारी, नारियल, दीये और रुई का प्रयोग शुभ माना गया है।

Diwali 2025: दिवाली पर बन रहा है शुभ योग

इस वर्ष दिवाली पर ‘हंस महापुरुष राजयोग’ का संयोग बन रहा है। यह योग तब बनता है जब गुरु (बृहस्पति) अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित होता है। यह राजयोग अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में वैभव, बुद्धि, सम्मान और आर्थिक उन्नति आती है। दिवाली जैसे पावन दिन पर यह योग बनने से इस वर्ष की दीपावली और भी मंगलकारी मानी जा रही है।

Diwali 2025: चौघड़िया और पूजन का संयोग

-20 अक्तूबर को प्रदोष काल, अमावस्या, वृष लग्न और चर चौघड़िया का पूर्ण शुभ संयोग बन रहा है। चर चौघड़िया 05:36 से 07:10 बजे तक और लाभ चौघड़िया 10:19 से 11:53 बजे तक रहेगी। इसके अलावा रात्रि 01:28 से सुबह 06:11 बजे तक शुभ, अमृत और चर चौघड़िया की संयुक्त वेला रहेगी।

-इस प्रकार 20 अक्तूबर की दिवाली न केवल धार्मिक रूप से विशेष है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत शुभ संयोग लेकर आ रही है। इस दिन का महालक्ष्मी पूजन हर व्यक्ति के जीवन में धन, सुख और सकारात्मकता की नई किरण जगाएगा।


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