उत्त्तराखंड राज्य में छात्रों के लिए डिजिटल पहचान (ID) बनाने की प्रक्रिया में कई जिलों ने लक्ष्य प्राप्त करने में देरी की है। विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे प्रमुख जिलों में इस काम में पिछड़ापन देखा गया है। नवंबर तक सभी छात्रों की अपार (Aadhaar-linked Student ID) आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अभी तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है।
इस अपार आईडी योजना का उद्देश्य छात्रों की शिक्षा प्रणाली में डिजिटल सुधार लाना है, ताकि सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं और लाभों का वितरण छात्रों तक आसानी से और पारदर्शी रूप से किया जा सके। साथ ही, यह छात्रों के रिकॉर्ड को एकीकृत करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने में सहायक हो सकती है।
हालांकि, इन जिलों में प्रगति धीमी होने के कारण शिक्षा विभाग और राज्य सरकार अब इन जिलों को लेकर विशेष रणनीतियाँ बना रही हैं, ताकि समय सीमा से पहले काम पूरा किया जा सके।
इस मुद्दे पर अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के अपार आईडी बनाने में आ रही दिक्कतें मुख्य रूप से डेटा संग्रहण, तकनीकी समस्याओं और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण हैं। विभाग इन समस्याओं का समाधान करने के लिए त्वरित कदम उठा रहा है, ताकि निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जा सके।