संविधान पर चर्चा संसद LIVE : कांग्रेस के मुंह से संविधान शब्द शोभा नहीं देता....पीएम मोदी
संविधान पर चर्चा संसद LIVE : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस के मुंह से संविधान शब्द शोभा नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 75 बार संविधान में बदलाव किया है, जो इस बात को साबित करता है कि पार्टी ने संविधान की मूल भावना और इसके आदर्शों के साथ लगातार खिलवाड़ किया है।
कांग्रेस ने संविधान में बार-बार बदलाव किया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने सिर्फ एक या दो बार नहीं, बल्कि 75 बार संविधान को बदला।” उनका कहना था कि कांग्रेस का यह कदम संविधान को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने के उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के इस रवैये पर सवाल उठाया और कहा कि यह पार्टी संविधान का सम्मान नहीं करती, बल्कि उसे अपनी राजनीति के अनुरूप बदलने की कोशिश करती रही है।
कांग्रेस का आरक्षण विरोधी रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण के खिलाफ थी। उन्होंने इस संदर्भ में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की चिट्ठी का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि नेहरू जी ने मुख्यमंत्रियों को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें आरक्षण पर उनके विचार व्यक्त किए गए थे। उन्होंने कहा, “नेहरू जी ने आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी, जो यह दर्शाता है कि कांग्रेस आरक्षण के पक्ष में नहीं थी।”
धर्म का इस्तेमाल वोटबैंक राजनीति के लिए
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसने देश में वोटबैंक की राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “देश में वोटबैंक के लिए धर्म का खेल खेला गया।” उनका यह बयान कांग्रेस के उन प्रयासों की आलोचना करता है, जिनमें धर्म को राजनीति का हथियार बना कर समाज को बांटने की कोशिश की गई।
संविधान की रक्षा का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) संविधान के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बीजेपी संविधान को पवित्र ग्रंथ मानती है और इसे कभी भी कमजोर नहीं होने देगी।
यह बयान प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान की रक्षा और कांग्रेस की आलोचना करने के लिए दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर संविधान का राजनीतिक उपयोग करने और वोटबैंक की राजनीति करने के आरोप लगाए।

