Director Partho Ghosh passed away: मुंबई: हिंदी सिनेमा के प्रतिष्ठित निर्देशक पार्थो घोष का दिल का दौरा पड़ने से 75 वर्ष की आय में निधन हो गया। 90 के दशक में अपनी सामाजिक सरोकारों वाली कहानियों और भावनात्मक गहराई से सजी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले पार्थो घोष ने सिनेमा की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन की पुष्टि अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता ने की, जिनके भावुक संदेश ने फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों को गहरे शोक में डाल दिया।
Director Partho Ghosh passed away: ऋतुपर्णा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "शब्दों से परे दुखी हूं। हमने एक महान प्रतिभा और दयालु इंसान को खो दिया। पार्थो दा, आपकी फिल्मों का जादू हमेशा जीवित रहेगा।"
Director Partho Ghosh passed away: पार्थो घोष उन विरले फिल्मकारों में से थे जिन्होंने कलात्मक कथ्य और व्यावसायिक सफलता के बीच संतुलन बनाते हुए सामाजिक मुद्दों को सिनेमा के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी फिल्मों में समाज की कड़वी सच्चाइयों को दर्शाने के साथ-साथ मानवीय भावनाओं की गहराई भी देखने को मिलती थी।

Director Partho Ghosh passed away: 1996 में आई उनकी फिल्म ‘अग्नि साक्षी’ को आलोचकों और दर्शकों दोनों का भरपूर प्यार मिला। इस फिल्म में मनीषा कोइराला, जैकी श्रॉफ और नाना पाटेकर ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे को सशक्त तरीके से पेश किया। इसके एक साल बाद 1997 में रिलीज हुई ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’, जिसमें नाना पाटेकर और रवीना टंडन ने दमदार अभिनय किया, अंडरवर्ल्ड की दुनिया और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक अनूठा तालमेल दिखाकर इसे कल्ट क्लासिक बना दिया।
Director Partho Ghosh passed away: पार्थो घोष का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। फिल्म बिरादरी, सहयोगी कलाकारों और लाखों प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उनकी बनाई कहानियां, भावनाएं और संवेदनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।