Mahanavami: कब है कन्या पूजन? 19 या 20 अक्टूबर को? जानिए अष्टमी-नवमी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे शुरू हुई

Mahanavami: धर्मडेस्क: शारदीय नवरात्रि के आखिरी दिनों में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दौरान भक्त छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं और भोजन कराते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इस साल अष्टमी और नवमी की तिथियों को लेकर असमंजस है। ऐसे में जानिए कन्या पूजन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
अष्टमी और नवमी की सही तिथि
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे शुरू हुई और 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। इसलिए परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार कन्या पूजन का दिन तय किया जा सकता है।
19 या 20 अक्टूबर, कब करें कन्या पूजन?
अष्टमी के अनुसार पूजा करने वाले भक्त 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक कन्या पूजन कर सकते हैं। वहीं, नवमी की पूजा करने वाले भक्त 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद या 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक पूजा कर सकते हैं। अलग-अलग परंपराओं में पूजा की तारीख बदल सकती है। इसलिए हवन, कन्या भोज और व्रत पारण से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
19 और 20 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक बताया गया है। हालांकि, 19 अक्टूबर को यह समय नवमी तिथि में आएगा। 20 अक्टूबर को भी अभिजीत मुहूर्त नवमी तिथि के दौरान रहेगा। पूजा करने से पहले स्थानीय सूर्योदय और पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि कर लें।
कन्या पूजन की विधि
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और मां दुर्गा की पूजा करें। इसके बाद कन्याओं को आदरपूर्वक घर बुलाएं। उनके पैर धोकर तिलक लगाएं और स्वच्छ आसन पर बैठाएं। फिर हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाएं। भोजन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, फल या उपहार दें। अंत में कन्याओं का आशीर्वाद लेकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
कन्या पूजन का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याओं को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है। इस परंपरा को शक्ति, पवित्रता और नारी सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक कन्या पूजन करने से व्रत का फल मिलता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
दशहरा कब मनाया जाएगा?
पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:51 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे समाप्त होगी। दशहरा मनाने के लिए दशमी तिथि और प्रदोष काल का संयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी आधार पर इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।


