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Tarun Tejpal Supreme Court Surrender: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर, जानें रेप के किस मामले से जुड़ा है केस

Tarun Tejpal Supreme Court Surrender: नई दिल्ली। Tarun Tejpal Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई पूरी होने तक सरेंडर से छूट मांगी थी।

Tarun Tejpal Supreme Court Surrender: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में करना होगा सरेंडर, जानें रेप के किस मामले से जुड़ा है केस
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Tarun Tejpal Supreme Court Surrender: नई दिल्ली। Tarun Tejpal Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई पूरी होने तक सरेंडर से छूट मांगी थी। कोर्ट ने उन्हें सख्त निर्देश देते हुए दो हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है।

22 सितंबर को होगी मुख्य अपील पर सुनवाई

जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने स्पष्ट किया कि तरुण तेजपाल को तय समय सीमा के भीतर कोर्ट में अपना सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करना होगा। इसके बाद ही अदालत उनकी आपराधिक अपील पर 22 सितंबर को सुनवाई करेगी। तेजपाल ने अपनी याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पीड़िता के बयानों और अन्य साक्ष्यों के मूल्यांकन को चुनौती दी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पलट दिया था बरी होने का फैसला

बता दें कि 2013 के इस चर्चित मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त 2026 को तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अलग से याचिका दायर कर इस सजा को और बढ़ाने की मांग की है।

कोर्ट में वकीलों के बीच हुई तीखी बहस

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि कोर्ट के पास ऐसे मामलों में सरेंडर की अनिवार्यता से छूट देने और अपील पर सुनवाई करने का अधिकार है।

दूसरी ओर, गोवा सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने इस अर्जी का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि यह एक गंभीर अपराध से जुड़ा मामला है, जिसमें आरोपी को 10 साल की कठोर सजा सुनाई गई है, इसलिए किसी भी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

तरुण तेजपाल 2013 रेप केस: टाइमलाइन

नवंबर 2013:- गोवा में एक लग्जरी होटल के लिफ्ट के भीतर 'तहलका' पत्रिका के तत्कालीन संपादक तरुण तेजपाल पर एक महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न और रेप का आरोप लगाया।

नवंबर 2013:- विवाद बढ़ने के बाद तरुण तेजपाल ने 'तहलका' के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया। गोवा पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की।

नवंबर 2013:- गोवा पुलिस ने पूछताछ के बाद तरुण तेजपाल को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मई 2014:- सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल को अंतरिम जमानत दी। इसके बाद उन पर गोवा की एक सत्र अदालत में मुकदमा शुरू हुआ।

मई 2021:- गोवा की निचली अदालत (सत्र न्यायालय) ने तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोपक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में विफल रहा।

मई 2021:- गोवा सरकार ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

अगस्त 2026:- बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया। हाईकोर्ट ने उन्हें 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

अगस्त 2026:- तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले और सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, साथ ही सरेंडर से छूट की मांग की।

अगस्त 2026:- सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की सरेंडर से छूट की याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की मुख्य अपील पर सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है।


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