PM Modi Mann Ki Baat: 'बिहार का मखाना पहुंच रहा ग्रीस', पीएम मोदी ने त्योहारों पर की खास अपील, देखें लाइव
PM Modi Mann Ki Baat के 139वें एपिसोड में पीएम मोदी ने बिहार के मखाने के ग्लोबल होने का जिक्र किया। साथ ही त्योहारी सीजन में 'वोकल फॉर लोकल' अपनाने की अपील की।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 139वीं कड़ी के जरिए देश-विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा किए। इस दौरान पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियों, पारंपरिक हुनर, स्टार्टअप्स और आगामी त्योहारों को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने गर्व से बताया कि अब भारतीय किसानों के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिसमें बिहार का मखाना भी शामिल है।
बिहार का मखाना और कलबुर्गी की दाल पहुंची ग्लोबल मार्केट
त्योहारी सीजन और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के किसानों के लिए अब दुनिया भर में नए बाजार खुल रहे हैं। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस पहुंच रहा है, वहीं कर्नाटक के कलबुर्गी की मशहूर अरहर दाल अब मालदीव भेजी जा रही है।
त्योहारी मौसम के लिए पीएम मोदी की अपील
आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पकारों के उत्पादों को प्रमुखता दें। आपके इस अपनापन से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान और मजबूत होगा, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना तेजी से साकार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार गांधी जयंती के अवसर पर अकेले खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई, जो लोगों में स्वदेशी के प्रति बढ़ते रुझान को दिखाता है।
'मन की बात' के पूरे हुए 12 साल
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज से ठीक 12 वर्ष पहले 'मन की बात' की शुरुआत हुई थी। उन्होंने श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफर देश के लोगों के परिश्रम, पराक्रम और सेवाभाव का गौरवगान करने का एक पवित्र अवसर रहा है।
कार्यक्रम में इन खास मुद्दों पर भी हुई चर्चा:-
1-भाई परमानंद की 150वीं जयंती: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद के योगदान को याद किया और युवाओं को उनकी आत्मकथा 'आपबीती: काले पानी की कारावास कहानी' पढ़ने की प्रेरणा दी।
2-महर्षि वाल्मीकि जयंती: रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के जीवन मूल्यों, सेवा और सामाजिक समरसता के संदेशों पर प्रकाश डाला।
3-नॉर्थ-ईस्ट में मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती:- मेघालय और नगालैंड के गांवों में मिलेट्स की खेती की वापसी और इसके वैल्यू एडिशन की सराहना की।
4-आईआईटी मद्रास का ब्रेन सेंटर:- मानव मस्तिष्क की 3डी मैपिंग और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के रिसर्च के लिए बने इस आधुनिक सेंटर की खूबियों का जिक्र किया।


