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Iran-US War: होर्मुज खोलने को तैयार ईरान, अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें; ट्रंप का दावा- जल्द थमेगी जंग

Iran-US War: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखीं। परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर बातचीत के बीच ट्रंप ने दावा किया कि जंग जल्द खत्म हो सकती है।

Iran-US War: होर्मुज खोलने को तैयार ईरान, अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें; ट्रंप का दावा- जल्द थमेगी जंग
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Iran US War Updates: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज होने के संकेत मिले हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव अब भी बरकरार है। इसके लिए तेहरान ने अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

7 शर्तों के साथ होर्मुज खोलने का प्रस्ताव

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर कायम है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के जवाब की समीक्षा कर रहा है। उनके बयान के अनुसार, यदि अमेरिका ईरान की शर्तें स्वीकार कर लेता है, तो छह दिनों के भीतर जलमार्ग खोला जा सकता है और अगले दिन बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है।

ईरान की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध समाप्त करना और क्षेत्र के विभिन्न मोर्चों पर युद्ध रोकना शामिल है। इन मांगों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की स्थिति आगे की बातचीत की दिशा तय कर सकती है।

परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों में मतभेद

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में परमाणु कार्यक्रम सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि वार्ता की शुरुआत में ही ईरान की परमाणु गतिविधियों पर चर्चा हो और यूरेनियम संवर्धन की उसकी क्षमता में पर्याप्त कटौती की जाए।

वहीं, ईरान की प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, समुद्री मार्ग की सुरक्षा बहाल करने और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत हासिल करने की बताई जा रही है। दोनों देशों की प्राथमिकताओं में अंतर के कारण समझौते तक पहुंचने की राह चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयास कमजोर करने का आरोप

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर समझौते की दिशा में ईमानदारी नहीं दिखाने और कूटनीतिक प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव और धमकियों के सामने नहीं झुकेगा, लेकिन आपसी सम्मान और भरोसेमंद गारंटी के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है।

दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि किसी समझौते के लिए ईरान को अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता में पर्याप्त कटौती करनी होगी। इससे स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।

दुनिया के तेल कारोबार के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। युद्ध से पहले दुनिया के कुल तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था।

इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर ऊर्जा की कीमतों और परिवहन लागत पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की संभावित सहमति को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम माना जा रहा है।

ट्रंप बोले- जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उम्मीद जताई कि ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें पहले से कम हो सकती हैं।

केंटकी में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों से ईरान की परमाणु क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है।

हालांकि, ट्रंप के बयान के बावजूद युद्ध समाप्त होने को लेकर कोई अंतिम सहमति सामने नहीं आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों के बीच समझौता होना अभी बाकी है।

क्या बातचीत से निकलेगा समाधान?

ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव और ट्रंप की ओर से युद्ध जल्द समाप्त होने की उम्मीद ने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को चर्चा में ला दिया है। लेकिन दोनों देशों की शर्तों में अंतर अब भी बना हुआ है।


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