पंजाब में किसानों का रेल रोको आंदोलन, मोगा में पुलिस से धक्कामुक्की; मांगें पूरी नहीं होने पर मजदूर मोर्चा का प्रदर्शन
यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

नई दिल्ली: पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने गुरुवार को रेल रोको आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। मोर्चे ने पंजाब सरकार को 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक मांगों पर ठोस समाधान का समय दिया था। इसके बाद अमृतसर, गुरदासपुर, मोगा, फिरोजपुर और संगरूर-सुनाम में रेलवे ट्रैक रोकने की घोषणा की गई थी।
मोगा में पुलिस-किसानों के बीच धक्कामुक्की
मोगा के गांव महेश्वरी संधूया में किसानों के रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। रेलवे ट्रैक की ओर जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बनी।
सरकार से बातचीत और मुआवजे की मांग
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर के अनुसार, करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों की जानकारी दी गई थी। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किए गए। मोर्चे की मांगों में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम पर स्पष्टीकरण शामिल है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा और फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग भी की जा रही है।
सुनाम में जाखल-लुधियाना ट्रैक पर धरना
सुनाम में भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने भी आंदोलन तेज किया। मंत्री के आवास के बाहर तीन दिन धरने के बाद गुरुवार को किसानों ने जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर दोपहर करीब 12 बजे धरना शुरू किया। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आगे की रणनीति 18 सितंबर को तय होगी
किसान मजदूर मोर्चा ने कहा है कि सरकार की प्रतिक्रिया के आधार पर 18 सितंबर को बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। मोर्चे ने यह भी कहा है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर अन्य रेलवे प्वाइंट पर भी आंदोलन बढ़ाया जा सकता है।


