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एक्स पैरा मिलिट्री एसोसिएशन का एलान, लंबित मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर होगी भूख हड़ताल

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन पिछले 11 साल से अलग-अलग मांगों को लेकर संघर्ष कर रही...

एक्स पैरा मिलिट्री एसोसिएशन का एलान, लंबित मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर होगी भूख हड़ताल
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नई दिल्ली। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में पुरानी पेंशन बहाल करने और नए CAPF एक्ट को वापस लेने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर सात दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। अलायन्स ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने शनिवार को इसका ऐलान किया। यह प्रदर्शन 12 से 18 नवंबर 2026 तक चलेगा।

11 साल से मांगों को लेकर संघर्ष

एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय अर्धसैनिक बलों की जायज मांगों को लेकर लगातार बेरुखी बरत रहा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन पिछले 11 साल से अलग-अलग मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। इस दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को सैकड़ों ज्ञापन दिए गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग

एसोसिएशन के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 जनवरी 2023 को CAPF को भारत संघ के सशस्त्र बल मानते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का फैसला दिया था। केंद्र सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और मामला अभी लंबित है। एसोसिएशन का कहना है कि जवानों को बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए OPS बहाल की जानी चाहिए।

नए CAPF एक्ट को बताया ‘काला कानून’

पूर्व अर्धसैनिक अधिकारियों ने नए CAPF एक्ट का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे कैडर अधिकारियों के हित प्रभावित होंगे। पूर्व CRPF एडीजी एचआर सिंह ने सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा, “जब सरकार किसानों के लिए लाए गए तीन काले कानून वापस ले सकती है, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटा सकती है तो फिर ये सीएपीएफ का काला कानून वापस क्यों नहीं लिया जा सकता।”

अलग ट्रिब्यूनल और पे कमीशन की मांग

ITBP के पूर्व IG आनंद निंबाड़िया ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए अलग ट्रिब्यूनल और अलग पे कमीशन बनाने की मांग रखी। एसोसिएशन ने जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड बनाने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि मांगें पूरी होने तक अलग-अलग राज्यों में भी अभियान चलाया जाएगा।


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