Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

अभिजीत दिपके को 50 हजार के बेल बॉन्ड पर मिली रिहाई, बोले- डरने वाले नहीं, पीछे भी नहीं हटेंगे, लंबी लड़ाई के लिए तैयार

सौरव और आशु की रिहाई का इंतजार

अभिजीत दिपके को 50 हजार के बेल बॉन्ड पर मिली रिहाई, बोले- डरने वाले नहीं, पीछे भी नहीं हटेंगे, लंबी लड़ाई के लिए तैयार
X

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने रविवार को कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका के आने के बाद सभी लोग एक साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने हाल के दिनों में हुई गिरफ्तारियों और हिरासत की घटनाओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश बताया। दिपके ने कहा कि वे न तो डरने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले हैं। यह लंबी लड़ाई है और वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।

साथियों के आने के बाद तय होगी रणनीति

अभिजीत दिपके ने कहा कि सौरव और आशु के आने के बाद सभी लोग बैठकर आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए वह वृंदा करात से मिलने जा रहे हैं।

50 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने पर रिहाई

अभिजीत दिपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को जमानत मिलने के बाद 50 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने पर रिहा किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था। इससे पहले कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था। आठ दिनों के भीतर उनके खिलाफ यह दूसरी कार्रवाई थी।


नेहा बोरा भी रिहा हुईं

सीजेपी से जुड़ी नेहा बोरा को भी शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। उन्हें शुक्रवार को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके से हिरासत में लिया गया था। दिपके और नेहा की रिहाई के बाद संगठन के अगले कदम पर चर्चा शुरू हो गई है।

भारत लौटने के फैसले पर भी किया पोस्ट

रिहाई के बाद दिपके ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अमेरिका से भारत लौटने के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि जिस दिन उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया, उसी दिन उन्हें पता था कि उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। उन्होंने जेल जाने की आशंका और परिवार को होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।

संविधान के प्रति समर्पण की बात कही

दिपके ने पोस्ट में लिखा कि उन्हें पता था कि उनका रास्ता आसान नहीं होगा और संभव है कि वे पूरी तरह सफल न हो पाएं। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश करने का फैसला किया। उन्होंने लिखा, “जिस दिन मैंने भारत आने का फैसला किया, उसी दिन मैंने अपनी किस्मत को देश के लोगों के हाथों में रख दिया और इस संविधान के प्रति सौंप दिया. जय हिंद!”


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019