दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले फाइनल इलेक्टोरल रोल जारी किया गया है, जिसमें कुल मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 दर्ज की गई है। इसमें 83 लाख 49 हजार 645 पुरुष, 71 लाख 73 हजार 952 महिलाएं, और 1261 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, 2 लाख 8 हजार 302 फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं।
मतदाताओं की संख्या में वृद्धि
29 अक्टूबर 2024 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में मतदाताओं की संख्या में 1.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल मतदाता 1 करोड़ 53 लाख 57 हजार 529 थे। फाइनल लिस्ट के लिए 29 अक्टूबर से 28 नवंबर तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे।
फर्जी दस्तावेजों के मामलों पर कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) दिल्ली ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने के मामलों में सख्त कार्रवाई की है। अब तक 24 मामलों में 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीईओ ने लोगों को इस संबंध में चेतावनी भी दी है।
राजनीतिक दलों की भागीदारी और बैठकें
फाइनल इलेक्टोरल रोल तैयार करने में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। उनके साथ सीईओ और डीईओ स्तर पर बैठकें हुईं, और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी राजनीतिक दलों को भेजी गई। आम जनता की सुविधा के लिए यह लिस्ट सीईओ की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई थी।
मुख्यमंत्री आतिशी का गंभीर आरोप
फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में 10 प्रतिशत नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, जबकि 5.5 प्रतिशत पुराने मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
मुख्यमंत्री आतिशी ने चुनाव आयोग की भूमिका को संदिग्ध बताया और कहा कि आयोग ने मामले की जांच नहीं की। उन्होंने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है।
यह विवाद दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल को गर्म कर सकता है। वोटर लिस्ट की पारदर्शिता को लेकर यह मुद्दा अहम बन गया है।