Delhi Blast: अमोनियम नाइट्रेट से दिल्ली में धमाका ! जानें क्या होता है फ्यूल ऑयल-डेटोनेटर

Delhi Blast
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Delhi Blast: नई दिल्ली/फरीदाबाद। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण दिल्ली ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई है। इस बीच जांच एजेंसियों को इस धमाके के तार फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ते दिख रहे हैं। फरीदाबाद पुलिस ने मंगलवार सुबह से धौज और फतेहपुर तगा गांवों में मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस ऑपरेशन में 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, क्राइम ब्रांच और रिजर्व पुलिस बल शामिल हैं। साथ ही अलफलाह मेडिकल कॉलेज में भी छापेमारी जारी है, जहां से 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
Delhi Blast: पुलिस घर-घर तलाशी ले रही है और कारों के सीएनजी सिलेंडर तक चेक किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों और स्टाफ के बैकग्राउंड की जांच की जा रही है। बरामद विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर शामिल हैं - वही केमिकल मिश्रण जो दिल्ली ब्लास्ट में भी प्रयोग हुआ था।
Delhi Blast: क्या है ANFO
जांच एजेंसियों को शक है कि धमाके में ANFO (Ammonium Nitrate Fuel Oil) का उपयोग किया गया होगा। यह मिश्रण 94% अमोनियम नाइट्रेट और 6% डीजल या ईंधन तेल से बनता है, जो अत्यंत घातक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह विस्फोट बंद जगह में होता, तो तबाही कई गुना अधिक होती।
Delhi Blast: इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. उमर मोहम्मद का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी और अलफलाह मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर है। सीसीटीवी फुटेज में उसे काले मास्क में हुंडई i20 कार चलाते हुए देखा गया, जो 10 नवंबर की सुबह बदरपुर से दिल्ली में दाखिल हुई थी। यह कार ओखला, दरियागंज और कश्मीरी गेट होते हुए लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में पहुंची, जहां 18:22 बजे विस्फोट हुआ।
Delhi Blast: पुलिस ने उमर के भाइयों आशिक अहमद और जरूर अहमद को हिरासत में लिया है और उसकी मां से भी पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से जब्त विस्फोटकों की रिपोर्ट मांगी है। FSL रिपोर्ट से पुष्टि होगी कि धमाके में किस प्रकार का डेटोनेटर इस्तेमाल किया गया था - घड़ी, रिमोट या किसी अन्य इलेक्ट्रिक डिवाइस के रूप में।
Delhi Blast: फिलहाल लाल किला और लाल किला मेट्रो स्टेशन को 13 नवंबर तक बंद कर दिया गया है। दिल्ली में हाई अलर्ट जारी है और एनआईए, एफएसएल और क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुटी हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह तय होगा कि क्या यह धमाका आतंकी नेटवर्क के नए मॉड्यूल का संकेत है।


