साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में टेलीकॉम विभाग ने सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Jio, Airtel, Vodafone Idea, BSNL) को साइबर क्राइम जागरूकता वाली कॉलर ट्यून प्ले करने का आदेश दिया है। इन कॉलर ट्यून को दिन में 8-10 बार चलाने का निर्देश दिया गया है। यह कदम साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है, और इसे इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (14C) की तरफ से प्रोवाइड किया जाएगा।
साइबर क्राइम जागरूकता कॉलर ट्यून का उद्देश्य
18 दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया कि इस कॉलर ट्यून कैंपेन के जरिए यूजर्स को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक किया जाएगा। कॉल से पहले इसे प्ले करने के बारे में घोषणा की जाएगी। 14C के नोडल ऑफिसर की तरफ से यह कॉलर ट्यून प्रोवाइड की जाएगी। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि कॉलर ट्यून को दिन में 8-10 बार प्ले किया जाएगा और हर हफ्ते इसका कंटेंट अपडेट किया जाएगा।
फेक डिजिटल अरेस्ट और स्कैम्स के बढ़ते मामले
हाल के दिनों में साइबर फ्रॉड और फेक डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसमें स्कैमर्स खुद को जज, पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते हैं और फिर लोगों से पैसे ऐंठते हैं। पुलिस अधिकारी और FedEx स्कैम्स में इनकी भूमिका अधिक देखी गई है। इन मामलों को रोकने के लिए सेंटर और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSPs) ने एक सिस्टम की शुरुआत की है, जिससे भारतीय मोबाइल नंबर और इंटरनेशनल कॉल्स को ब्लॉक किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इस पर तुरंत एक्शन लेने का आदेश दिया गया है, ताकि साइबर क्राइम और फेक कॉल्स से संबंधित मामलों में सुधार किया जा सके। कॉलर ट्यून के अपडेट किए जाने के बाद, हर हफ्ते नए तरीके से इसे प्रोवाइड किया जाएगा, जिससे लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।