CM Rekha Gupta
CM Rekha Gupta : नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए दो महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। उन्होंने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें 30 बसें 12 मीटर लंबी और 20 बसें 9 मीटर की हैं। ये बसें दिल्ली के व्यस्त इलाकों में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देंगी। इसी क्रम में, तेहखंड डिपो में दूसरे स्वचालित वाहन फिटनेस टेस्टिंग स्टेशन का शिलान्यास किया, जिसकी लागत 10 करोड़ रुपये है और मार्च 2026 तक पूरा होगा। गुप्ता ने कहा कि वाहन दिल्ली के प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं, और ये कदम हवा की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे।
CM Rekha Gupta : मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस और AAP सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर करोड़ों वाहन दौड़ते हैं, जिनमें साढ़े छह लाख व्यावसायिक वाहन सबसे अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। पूर्व सरकारों ने फिटनेस जांच के लिए सिर्फ एक सेंटर चलाया, जो सालाना महज 47 हजार वाहनों की जांच कर पाता था। उन्होंने जोर दिया कि BJP सरकार ने आठ महीनों में 1,350 ई-बसें उतारीं, जबकि पिछली सरकारों ने 10 वर्षों में सिर्फ 2,000। आगे ई-बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार भी जारी रहेगा।
CM Rekha Gupta : प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए ये दो कदम ई-बसों का विस्तार और फिटनेस जांच स्टेशनों की संख्या बढ़ाना दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में ठोस प्रयास हैं। पहले नंद नगरी में एक स्टेशन (72,000 वाहनों की क्षमता) शुरू किया गया, अब तेहखंड में दूसरा (समान क्षमता) बनेगा। बुराड़ी और झुलझुली स्टेशनों को अपग्रेड कर एक लाख वाहनों की जांच क्षमता दी जाएगी। गुप्ता ने कहा कि इन चार स्टेशनों को वर्षांत तक चालू करने का लक्ष्य है, जिससे व्यावसायिक वाहनों की ऑटोमेटेड जांच संभव हो सकेगी।
CM Rekha Gupta : सीएम ने कूड़े के पहाड़ हटाने पर भी अपडेट दिया कि नवंबर तक 48.50 लाख मीट्रिक टन कचरा निस्तारित किया गया, जिसमें आठ महीनों में 17 लाख टन शामिल हैं। वर्षांत तक शेष 30 लाख टन भी साफ हो जाएगा। उन्होंने कांग्रेस-AAP सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कूड़े के ढेर, टूटी सड़कें, गंदे नाले और प्रदूषित हवा छोड़ी। गुप्ता ने कहा, “दिल्ली की समस्याओं को हल करने में समय लगेगा, लेकिन हमारी नीति और नियत साफ है। स्वच्छता, प्रदूषण, कचरा, यमुना सभी मोर्चों पर लड़ेंगे।” यह पहल दिल्ली को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।
