Chicago Shooting: शिकागो में अंधाधुंध गोलीबारी, एल्बम लॉन्च पार्टी के दौरान 4 की मौत, 14 घायल

Chicago Shooting:
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Chicago Shooting: शिकागो : देर रात अमेरिका के शिकागो शहर में एक भयानक गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। रिवर नॉर्थ के एक पब के बाहर आयोजित एल्बम लॉन्च पार्टी के दौरान एक अज्ञात हमलावर ने अचानक वहां मौजूद भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस भयावह हमले में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं, वहीं घायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
Chicago Shooting: घटना उस समय हुई जब पब के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और माहौल पूरी तरह से जश्न में डूबा हुआ था। तभी एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचा और भीड़ पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और अफरातफरी मच गई। हमलावर वारदात के बाद वाहन में सवार होकर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया। इनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
Chicago Shooting: पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हमलावर की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, घटना में घायल हुए कुल 18 लोगों में 13 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं, जिनकी उम्र 21 से 32 वर्ष के बीच है। शिकागो पुलिस विभाग ने बताया कि इस प्रकार की गोलीबारी को गंभीरता से लिया जा रहा है और अपराधी को पकड़ने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
Chicago Shooting: घटना पर बयान देते हुए नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि उनके आपातकालीन विभाग में कई घायलों का इलाज चल रहा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट संख्या बताने से इनकार कर दिया।
Chicago Shooting: यह घटना अमेरिका में बढ़ते गन वायलेंस और ढीले हथियार कानूनों की एक और भयावह मिसाल बनकर सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में गन हिंसा के कारण 15 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका की कुल जनसंख्या जहां करीब 33 करोड़ है, वहीं 40 करोड़ से अधिक आग्नेय अस्त्र नागरिकों के पास हैं। अमेरिका में राइफल या पिस्तौल खरीदने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष, और अन्य हथियारों के लिए 21 वर्ष तय है, लेकिन हथियारों की सहज उपलब्धता और कमजोर नियंत्रण प्रणाली के चलते ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।


