Chhattisgarh Budget 2025 : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा प्रस्तुत द्वितीय अनुपूरक बजट 2024-25 को आज पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस बजट को विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रुपये है। इस बजट के पारित होने के बाद राज्य के कुल बजट का आकार 1 लाख 55 हजार 580 करोड़ रुपये हो गया है।
बजट की संरचना
राज्य सरकार द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए अब तक पारित बजट में तीन मुख्य घटक शामिल हैं:
- मुख्य बजट: 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ रुपये
- प्रथम अनुपूरक बजट: 7 हजार 329 करोड़ रुपये
- द्वितीय अनुपूरक बजट: 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रुपये
मुख्य बजट और अनुपूरक बजट का महत्व
मुख्य बजट में राज्य सरकार ने विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान किए हैं। वहीं, अनुपूरक बजट का उद्देश्य पहले से स्वीकृत योजनाओं में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था करना है, ताकि विकास कार्यों को रुकने न दिया जाए और समय पर पूरा किया जा सके।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बयान
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस बजट को राज्य की विकास यात्रा को और तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के नागरिकों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए तैयार किया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
द्वितीय अनुपूरक बजट का उद्देश्य
द्वितीय अनुपूरक बजट का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था करना है। इसके तहत कई योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
राज्य के आर्थिक दृष्टिकोण को मजबूत करना
छत्तीसगढ़ सरकार का यह बजट राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का उद्देश्य रखता है। इसमें वित्तीय संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। इस बजट से छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राज्य के विकास में एक नया अध्याय
इस द्वितीय अनुपूरक बजट के पारित होने के साथ, छत्तीसगढ़ राज्य के विकास कार्यों को और गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य बनाना है, जिसमें नागरिकों के लिए बेहतर जीवनस्तर की व्यवस्था हो।