शासकीय हाई स्कूल कसेकेरा में मनाया गया शिक्षक दिवस, शिक्षकों ने बताए संस्कार और अनुशासन के महत्व
सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र का उच्चारण करते हुए कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

बागबाहरा। बागबाहरा ब्लॉक के दूरस्थ वनांचल में स्थित शासकीय हाई स्कूल कसेकेरा में भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया।
सर्वप्रथम प्राचार्य पवन कुमार चक्रधारी एवम संकुल केन्द्र कसेकेरा के समन्वयक मनीष अवसरिया ने माँ सरस्वती, माँ भारती और सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और गुरुमंत्र का उच्चारण करते हुए कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य पवन कुमार चक्रधारी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व विकास की प्रथम सीढ़ी है।विद्यार्थी शाला में संस्कार,अनुशासन और मानवता का सबक सीखते हैं। उन्होंने कहा जीवन के हर कदम में परीक्षा और उन परीक्षाओ में कैसे सफलता हासिल करनी है? ये हमारे गुरू हमें सिखाते हैं।
संकुल समन्वयक मनीष अवसरिया ने कहा कि शिक्षक का कर्तव्य केवल किताबी ज्ञान देना नही है अपितु उचित मार्गदर्शन देकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को गढ़ना भी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित बनाना नहीं है बल्कि बल्कि उन्हें अच्छे संस्कार अच्छा व्यवहार और मानवीय संवदेनाओं से परिचित कराना भी है। कक्षा दसवीं की छात्रा गीता, ऐश्वर्या, साक्षी एवम कक्षा नवमी से सिमरन ने भी शिक्षक दिवस की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में प्रधानपाठक अर्चना चन्द्राकर, प्रमोद चन्द्राकर, पवन कुंजाम, अजय भतपहरी, खेमूप्रसाद दीवान, खगेश्वर राजपूत, सनत साहू शिक्षक तोषराम साहू, जितेन्द्र साहू, संजय अग्रवाल सहित शिक्षक शिक्षिका गण मौजूद रहे।कार्यक्रम का रोचक संचालन संस्था के व्याख्याता लोकूराम चन्द्राकर ने किया।


