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Raipur City Crime : 53 लाख की उठाईगिरी की गुत्थी सुलझी, कारोबारी की रेकी कर उड़ाई थी रकम, गीजर और खिलौनों में छिपाए थे नोट, दो गिरफ्तार

एक सप्ताह तक कारोबारी की रेकी कर एक्टिवा से उड़ाए थे 53 लाख रुपये, पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रकम बरामद की

Raipur City Crime : 53 लाख की उठाईगिरी की गुत्थी सुलझी, कारोबारी की रेकी कर उड़ाई थी रकम, गीजर और खिलौनों में छिपाए थे नोट, दो गिरफ्तार
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Raipur City Crime : रायपुर। राजधानी रायपुर में कपड़ा कारोबारी के 53 लाख रुपये से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी 53 लाख रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। आरोपियों के तीन बैंक खाते भी फ्रीज कराए गए हैं।

पांच मिनट में गायब हुआ 53 लाख से भरा बैग

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास का है। पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र नगर निवासी कपड़ा कारोबारी किशोर बलवानी 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11ः40 बजे अपनी एक्टिवा से पंडरी कपड़ा मार्केट स्थित दुकान जाने के लिए निकले थे। उनकी एक्टिवा के सामने रखे सफेद कपड़े के बैग में 53 लाख रुपये थे। करीब पांच मिनट बाद, सुबह 11ः45 बजे, कारोबारी ने संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेले के सामने वाहन खड़ा किया और पान खाने चले गए। वापस लौटने पर नकदी से भरा बैग गायब मिला। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एक सप्ताह तक की रेकी, फिर दिया वारदात को अंजाम

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कारोबारी के घर से दुकान आने-जाने के समय और रोजमर्रा की गतिविधियों पर करीब एक सप्ताह तक नजर रखी थी। घटना वाले दिन दोनों ने कारोबारी का पीछा किया और मौका मिलते ही बैग लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और संभावित रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने अलग-अलग कैमरों के फुटेज को जोड़कर उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदल रहे थे और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे।

गीजर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाई रकम

तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मनीष यदु (39) और कमलेश कुशवाहा (36) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने चोरी की रकम को घर में अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में रखी नकदी बरामद की। पुलिस के मुताबिक, कुल 53 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। चोरी की रकम का कुछ हिस्सा तीन बैंक खातों में जमा कराए जाने की जानकारी मिलने पर उन खातों को फ्रीज करा दिया गया।

दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी आया सामने

पुलिस के अनुसार, मनीष यदु के खिलाफ पूर्व में मारपीट और जुआ एक्ट से संबंधित मामले दर्ज रहे हैं। वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। वर्ष 2012 में आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। वहीं, कमलेश कुशवाहा को भी पूर्व में मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से नकदी के अलावा वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


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