Janjgir Digital Arrest Fraud : जांजगीर में बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 32 लाख की ठगी, इंदौर से 2 शातिर गिरफ्तार, जानें कैसे बुना जाल
जांजगीर में बुजुर्ग को CBI और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर 32 लाख की ठगी। इंदौर से दो शातिर आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते और मोबाइल जब्त।

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर उनके बैंक खातों से 32 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई का डर दिखाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मामला
जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ठगों ने उन्हें फोन कर उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में होने की बात कही। आरोपियों ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन और CBI का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
पुलिस सेटिंग के नाम पर वसूले 32 लाख रुपए
घबराए हुए बुजुर्ग को आरोपियों ने पुलिस से केस रफा-दफा कराने और सेटिंग करवाने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 32 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब ठगों के नंबर बंद हो गए, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
बैंक खातों के ट्रेल से इंदौर पहुंची पुलिस
मामले में पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 3(5) और IT एक्ट की धारा 66D के तहत केस दर्ज किया। साइबर सेल और तकनीकी टीम ने पैसों के ट्रांजैक्शन की जांच की, जिससे स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते का सुराग मिला।
जांच के आधार पर जांजगीर पुलिस ने इंदौर में दबिश दी और सौम्य जैसवार (21, निवासी प्रजापत नगर) तथा देवराज अमकरे (24, निवासी गुरु शंकर नगर) को धर दबोचा। आरोपियों के पास से बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामग्रियां जब्त कर ली गई हैं। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।


