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Jagdalpur Indravati River Flood: बस्तर में बाढ़ की तबाही, इंद्रावती ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड, 12.39 मीटर पहुंचा पानी, केंद्रीय जल आयोग ने जारी किया अलर्ट

Jagdalpur Indravati River Flood: जगदलपुर में इंद्रावती नदी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जलस्तर 12.39 मीटर पहुंचा, 833 लोगों का रेस्क्यू हुआ और CWC ने फिर बढ़ोतरी का अलर्ट जारी किया।

Jagdalpur Indravati River Flood: बस्तर में बाढ़ की तबाही, इंद्रावती ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड, 12.39 मीटर पहुंचा पानी, केंद्रीय जल आयोग ने जारी किया अलर्ट
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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी ने 50 साल पुराना जलस्तर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जगदलपुर में नदी का जलस्तर 12.39 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले 9 जुलाई 1973 को 12.18 मीटर दर्ज किया गया था। यानी इस बार पुराना रिकॉर्ड 21 सेंटीमीटर पीछे छूट गया।

इंद्रावती का खतरे का स्तर 8.3 मीटर है। नदी के उफान से तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। कई गांव पानी से घिर गए और सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ। प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव दलों ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया।

आज फिर बढ़ सकता है इंद्रावती का जलस्तर

बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने मंगलवार 29 सितंबर को जगदलपुर में इंद्रावती के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी की संभावना को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

CWC के मुताबिक, इंद्रावती के अपस्ट्रीम क्षेत्र नवरंगपुर में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर जगदलपुर तक पहुंचने की संभावना है। आयोग ने जगदलपुर स्टेशन पर जलस्तर में 60 सेंटीमीटर से एक मीटर तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई है।



एडवाइजरी के बाद जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने की अपील की है।

बोड़ना और भेजापदर गांवों का संपर्क टूटा

इंद्रावती का पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। बोड़ना और भेजापदर जैसे गांव पानी से घिर गए और सड़क संपर्क टूट गया।

जगदलपुर शहर के कुछ निचले इलाकों में भी पानी घुसने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालात को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन, SDRF और अन्य बचाव दलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुल 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

इनमें 821 लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। वहीं डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को भारतीय वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया।

डोंगाघाट के पास कुछ लोग बाढ़ के तेज बहाव के बीच एक कच्चे मकान की छत पर फंस गए थे। स्थिति को देखते हुए वायुसेना की टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

65 राहत शिविरों में हजारों लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने जिले में 65 राहत शिविर बनाए हैं। इनमें करीब 8,894 लोगों को रखा गया है।

इनमें शहरी क्षेत्र के 8 राहत शिविरों में 2,620 और ग्रामीण क्षेत्र के 57 शिविरों में 6,274 लोग रह रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक शिविरों में भोजन, पीने का साफ पानी, दवाइयां और स्वास्थ्य जांच जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

इंद्रावती का जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका के बीच प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से जोखिम न लेने की अपील की है।

लोगों से कहा गया है कि पानी बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत शिविर या किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। आपात स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कक्ष या संबंधित राजस्व अधिकारी को सूचना देने की सलाह दी गई है।


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