CGPSC की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त : 50 हजार का लगाया जुर्माना, अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से गायब थे 4 पन्ने
CGPSC News: बिलासपुर हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिलने के मामले में आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की परीक्षा प्रक्रिया में लापरवाही के मामले पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिलने पर अदालत ने आयोग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही संबंधित अभ्यर्थी को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मुआवजे की राशि तीन महीने के भीतर देने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की एकल पीठ ने की।
RTI से सामने आई उत्तरपुस्तिका की गड़बड़ी
इस मामले में अभ्यर्थी ने सूचना का अधिकार यानी RTI के तहत अपनी उत्तरपुस्तिका से संबंधित जानकारी मांगी थी। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि उत्तरपुस्तिका के चार पन्ने गायब थे। बताया गया कि इन पन्नों पर करीब 30 अंकों के प्रश्नों के उत्तर लिखे गए थे। इसके बाद अभ्यर्थी ने मामले को अदालत के सामने रखा।
जांच में देरी पर आयोग के रवैये पर सवाल
मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद उत्तरपुस्तिका से पन्ने गायब होने और इस संबंध में की गई जांच को लेकर सवाल उठे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने जांच पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई और आयोग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए आर्थिक दंड लगाया। कोर्ट के आदेश का उद्देश्य अभ्यर्थी को राहत देना और परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
तीन महीने में देना होगा 50 हजार रुपये का मुआवजा
हाईकोर्ट ने CGPSC को संबंधित अभ्यर्थी को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह राशि आदेश के अनुसार तीन महीने के भीतर चुकानी होगी। इसके अलावा आयोग पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर फिर चर्चा
उत्तरपुस्तिका से पन्ने गायब मिलने का मामला प्रतियोगी परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया और दस्तावेजों के रखरखाव पर सवाल खड़े करता है। CGPSC जैसी भर्ती परीक्षाओं में उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा, मूल्यांकन में पारदर्शिता और शिकायतों का समय पर निपटारा अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। हाईकोर्ट के इस आदेश को अभ्यर्थियों के अधिकारों और परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।


