CG News : सरकारी स्कूल में आसाराम बापू की किताब बांटने पर विवाद, प्रभारी प्राचार्य पद से हटाए गए
CG News: बलरामपुर के रघुनाथनगर स्थित सरकारी स्कूल में आसाराम बापू की ‘संस्कार सरिता’ पुस्तक बांटने पर विवाद हुआ। शिकायत और जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार प्रजापति को पद से हटा दिया गया।

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में विद्यार्थियों को आसाराम बापू की पुस्तक ‘संस्कार सरिता’ बांटे जाने का मामला सामने आया है। मिडिल स्कूल के छात्रों को पुस्तक दिए जाने पर कुछ अभिभावकों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा। विभाग ने शिकायत पर जांच कराई और जांच प्रतिवेदन के आधार पर स्कूल के प्रभारी प्राचार्य महेश कुमार प्रजापति को उनके पद से हटा दिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई
मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बलरामपुर-रामानुजगंज नरेंद्र निपूरे ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी, वाड्रफनगर से जांच रिपोर्ट मांगी थी। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने 27 अक्टूबर 2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर 28 अक्टूबर को कार्रवाई संबंधी आदेश जारी किया गया।
आदेश में विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से महेश कुमार प्रजापति को प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से मुक्त करने का उल्लेख है।
दुलेश्वर सिंह को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जनकपुर में पदस्थ व्याख्याता एलबी दुलेश्वर सिंह को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ रघुनाथनगर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, महेश कुमार प्रजापति को तत्काल संयुक्त जिला कार्यालय बलरामपुर की शिक्षा शाखा में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद स्कूल की प्रशासनिक जिम्मेदारी नए प्रभारी प्राचार्य संभालेंगे।
‘संस्कार सरिता’ पुस्तक को लेकर उठा विवाद
स्कूल में विद्यार्थियों को ‘संस्कार सरिता’ पुस्तक बांटे जाने पर अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद स्कूल में पुस्तक वितरण का मामला चर्चा में है।


