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Ajay Chandrakar Dhamtari viral video case: धमतरी वीडियो विवाद पर गरमाई सियासत, बीजेपी नेताओं के साथ कोर्ट पहुंचे कोर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला

Ajay Chandrakar Dhamtari viral video case: धमतरी में पुराना वीडियो 15 अगस्त का बताकर वायरल करने पर विवाद गहरा गया है। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने कोर्ट पहुंचकर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

Ajay Chandrakar Dhamtari viral video case: धमतरी वीडियो विवाद पर गरमाई सियासत, बीजेपी नेताओं के साथ कोर्ट पहुंचे कोर्ट, जानिए क्या है पूरा मामला
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धमतरी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाजपा का झंडा फहराने से जुड़े एक पुराने वीडियो को हालिया 15 अगस्त का बताकर शेयर करने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। कुरुद के विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिए भाजपा नेताओं के साथ कोर्ट पहुंचे।

क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो को इस दावे के साथ शेयर किया गया कि यह 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) का है और इसमें भाजपा का झंडा फहराया जा रहा है।

कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहा वीडियो 15 अगस्त का नहीं, बल्कि 22 मार्च को कुरुद में हुए भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग का एक पुराना वीडियो है।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन तो धमतरी में उन्हें शासन की तरफ से आधिकारिक तौर पर मुख्य अतिथि बनाया गया था, जहां उन्होंने पूरे प्रोटोकॉल के साथ देश का राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

विधायक का कहना है कि वीडियो की सच्चाई को प्रशासन से आसानी से सत्यापित किया जा सकता था, लेकिन इसके बावजूद इसे गलत संदर्भ के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ शिकायत

इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, सोशल मीडिया पर्सनैलिटी नेहा सिंह राठौर और कई अन्य सोशल मीडिया पेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई है। रायपुर के सिविल लाइन थाने में शुरुआती शिकायत दर्ज होने के बाद इसे जीरो एफआईआर के रूप में धमतरी जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है।

अजय चंद्राकर का आरोप है कि इस पुराने वीडियो को जानबूझकर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से जोड़कर दिखाया गया, ताकि पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाया जा सके।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की तकनीकी और मैदानी स्तर पर बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वीडियो का मूल स्रोत क्या था, इसे सबसे पहले किसने और किस क्रम में सोशल मीडिया पर साझा किया। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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