रायपुर : Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य के गैर अनुसूचित क्षेत्रों के गैस कनेक्शनधारक राशनकार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत केरोसिन प्रदान करने का आदेश जारी किया है।
Chhattisgarh News : राज्य को 552 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन किया गया है, जिसे उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से लाभार्थियों को वितरित किया जाएगा। यह कदम राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने और उन्हें राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
खाद्य विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यह केरोसिन वितरण कार्यक्रम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत काम करेगा, जिसमें अंत्योदय और प्राथमिकता राशनकार्डधारक पात्र होंगे।
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इसके अलावा, पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगरीय क्षेत्रों में राशनकार्डधारियों को एक लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में, विशेष रूप से अनुसूचित और गैर अनुसूचित क्षेत्रों के राशनकार्डधारियों को अधिकतम दो लीटर केरोसिन प्रदान किया जाएगा।
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राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनवरी 2025 के लिए आबंटित केरोसिन का उठाव 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जाए। खाद्य विभाग ने प्रदेश के
सभी कलेक्टरों और राज्य स्तरीय समन्वयक ऑयल उद्योग रायपुर को इस आशय का पत्र भेजा है और निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि वितरण प्रक्रिया समय पर पूरी हो।
यह कदम क्यों जरूरी है? राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशेष रूप से ग्रामीण और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में केरोसिन की कमी महसूस की जा रही थी। गैस कनेक्शनधारक राशनकार्डधारियों के लिए केरोसिन की
आपूर्ति का यह कदम उन्हें रसोई के लिए आवश्यक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इससे उपभोक्ताओं को न केवल रसोई गैस के बजाय वैकल्पिक ईंधन मिलेगा, बल्कि यह उनके दैनिक जीवन को भी आसान बनाएगा।
कैसे होगा वितरण? केरोसिन का वितरण राज्यभर के उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जाएगा। राशनकार्डधारियों को उनके पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस प्रक्रिया के लिए खाद्य विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वितरण में कोई गड़बड़ी न हो।
सरकार का उद्देश्य: राज्य सरकार का यह प्रयास है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनके आवासीय क्षेत्रों में राशन और ईंधन की आसान आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच वितरण के फर्क को कम किया जाएगा और हर जरूरतमंद तक यह सेवा पहुंच सकेगी।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से राज्य के लाखों राशनकार्डधारियों को राहत मिलेगी और उन्हें रसोई गैस की कमी से निजात मिलेगी। यह कदम प्रदेश में पीडीएस व्यवस्था को और मजबूत करेगा, जिससे राज्य के नागरिकों की जीवनशैली में सुधार होगा।