CG Housing Board
CG Housing Board: रायपुर। छत्तीसगढ़ में आवास और शहरी अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने के लिए गुरुवार को विधानसभा में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 पारित कर दिया गया। इसके बाद अब यह संस्था “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” के नाम से जानी जाएगी और मकानों के साथ सड़क, पुल-पुलियों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी काम कर सकेगी। इतना ही नहीं, मंडल को दूसरे राज्यों में भी कार्य करने की अनुमति दी गई है।
CG Housing Board: वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में विधेयक प्रस्तुत करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 के तहत हुआ था। राज्य गठन के बाद यह संस्था प्रदेश में आवासीय योजनाओं, नगरीय अधोसंरचना और किफायती आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
CG Housing Board: उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य सरकार ने 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है।
CG Housing Board: समावेशी शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा: चौधरी
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इस संशोधन से मंडल को एक सशक्त, सक्षम और बहुआयामी संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर आवास और आधुनिक अधोसंरचना सुविधाएं मिल सकेंगी।
CG Housing Board: संशोधन के तहत मंडल को टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट, स्लम पुनर्विकास और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी आधुनिक विकास अवधारणाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है।
CG Housing Board: अब पुल, सड़क और एयरपोर्ट परियोजनाओं पर भी काम
मंत्री चौधरी ने बताया कि मंडल अब अधोसंरचना विकास के अंतर्गत पुल, सड़क, राजमार्ग, हवाई अड्डे, जलप्रदाय और माल परिवहन प्रणालियों का विकास भी कर सकेगा। साथ ही यह नगर विकास प्राधिकरणों, स्थानीय निकायों और अन्य संस्थाओं को तकनीकी सहायता और वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए परामर्श सेवाएं भी प्रदान करेगा। मंडल को एक अर्बन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा।
CG Housing Board: शहरीकरण को मिलेगा सुव्यवस्थित रूप: सीएम विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधेयक पारित होने पर कहा कि यह निर्णय राज्य में आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति देगा। मंडल का दायरा बढ़ाकर उसे आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे शहरीकरण को सुव्यवस्थित रूप मिलेगा और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण व किफायती आवास उपलब्ध होंगे।
CG Housing Board: योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजी: अनुराग सिंहदेव
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने बताया कि प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में मंडल की लगभग 3,050 करोड़ रुपये की 78 आवासीय परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें से 2,060 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं का शुभारंभ नवंबर 2025 में आयोजित आवास मेले में किया गया था।
CG Housing Board: ओटीएस योजना के तहत वर्षों से रिक्त 1,447 संपत्तियों का 221.21 करोड़ रुपये में विक्रय किया गया है। वहीं 650 करोड़ रुपये से अधिक लागत की छह रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
CG Housing Board: 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार
मंत्री चौधरी ने बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की छह रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिनमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है।
CG Housing Board: 27 जिलों में गृह निर्माण मंडल
वर्तमान में मंडल प्रदेश के 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण भी किया गया है।
CG Housing Board: सरकार की योजना रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की है, जिसमें गृह निर्माण मंडल की भूमिका अहम होगी।
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