Gold Loan : गोल्ड लोन के नियमों में बदलाव, आम जनता पर कितना पड़ेगा असर...

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मुंबई: Gold Loan : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सोमवार को गोल्ड लोन की गाइडलाइंस की समीक्षा करने का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि सोने के आभूषणों को गिरवी रखकर कर्ज देने वाली रेगुलेटेड यूनिट्स जैसे बैंक और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए नए विवेकपूर्ण मानदंड और आचरण संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इन कदमों का उद्देश्य लोन देने की प्रक्रिया को अधिक सुसंगत बनाना और संस्थाओं की रिस्क लेने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सुधार करना है।
Gold Loan : आरबीआई द्वारा यह कदम उठाने के बाद गोल्ड लोन से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है। मुथूट फाइनेंस के शेयरों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जबकि मण्णपपुरम फाइनेंस के शेयरों में 1.66 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा, आरबीआई ने नियामकीय सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क को थीम न्यूट्रल और सदा सुलभ बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, जिससे फिनटेक क्षेत्र में निरंतर इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
Gold Loan : गवर्नर ने यह भी बताया कि रिजर्व बैंक दबाव वाली परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण के लिए एक रूपरेखा का मसौदा जारी करेगा और को-लोन के दायरे में भी विस्तार करेगा। यह निर्णय बैंकों और एनबीएफसी के बीच को-लोन व्यवस्थाओं के लिए सामान्य नियामकीय ढांचे को लागू करेगा, जिससे इन लोन की प्रक्रिया में और पारदर्शिता आएगी।
इस खबर के बाद मुथूट फाइनेंस और अन्य गोल्ड लोन प्रोवाइडर एनबीएफसी के शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे बाजार में हलचल मची है।


