Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Chaitra Navratri: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत आज, नौ दिन के व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? जानिए यहां

Asian News
Chaitra Navratri
X

Chaitra Navratri

Chaitra Navratri: धर्म डेस्क: वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का विशेष समय होता है। इन नौ दिनों में भक्त मां के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और व्रत रखकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान विधिपूर्वक पूजा करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

Chaitra Navratri: नवरात्रि व्रत के जरूरी नियम

व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। घर के पूजा स्थल को साफ रखना चाहिए और दीपक-धूप जलाकर मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। नवरात्रि में सात्विक जीवनशैली अपनाना आवश्यक होता है। झूठ बोलना, क्रोध करना और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। कई लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार या एक समय भोजन करते हैं।

Chaitra Navratri: व्रत में क्या खाएं

नवरात्रि के व्रत में हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए। फल जैसे केला, सेब, पपीता, अनार शरीर को ऊर्जा देते हैं। दूध, दही, पनीर और छाछ प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी पूड़ी, पराठे या पकौड़े खाए जा सकते हैं। सामा (सामक) के चावल, साबूदाना खिचड़ी, खीर या वड़ा भी व्रत में लोकप्रिय हैं। आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू जैसी सब्जियां सेंधा नमक के साथ बनाई जाती हैं। सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू और अखरोट ऊर्जा बनाए रखते हैं। हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी, छाछ और जूस लेना लाभदायक होता है।

Chaitra Navratri: व्रत में क्या नहीं खाएं

व्रत के दौरान सामान्य नमक, गेहूं, चावल (साधारण), दालें और बेसन का सेवन नहीं करना चाहिए। प्याज, लहसुन, मांसाहार और नशीले पदार्थ पूरी तरह वर्जित हैं। इसके अलावा तला-भुना भोजन, ज्यादा मीठा, पैकेज्ड फूड और जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि ये स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Chaitra Navratri: व्रत के दौरान रखें स्वास्थ्य का ध्यान

व्रत का अर्थ भूखा रहना नहीं, बल्कि संतुलित और हल्का भोजन करना है। सही डाइट लेने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी, डिहाइड्रेशन या एसिडिटी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। लो-ग्लाइसेमिक फल जैसे सेब और पपीता शुगर नियंत्रित रखते हैं, जबकि केला तुरंत ऊर्जा देता है।

Chaitra Navratri: नवरात्रि व्रत का महत्व

नवरात्रि केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि शरीर और मन की शुद्धि का अवसर भी है। इस दौरान किए गए जप, तप और पूजा का विशेष फल मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त पूरे नियम और श्रद्धा से व्रत रखते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019