Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

CG News: दिव्यांगों के नाम पर 1000 करोड़ का घोटाला, हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच, कागजों में फर्जी स्टाफ, वेतन, मशीनें और खरीदी का खेल...

CG News: हाईकोर्ट
X

CG News: हाईकोर्ट

CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगों के कल्याण के नाम पर संचालित स्टेट रिसोर्स सेंटर और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRC) में हुए 1000 करोड़ के घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी। यह आदेश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिया है। हाईकोर्ट ने इसे प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सिस्टमेटिक करप्शन का मामला बताया है, जिसमें फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन निकालकर सरकारी फंड की लूट की गई। कोर्ट ने कहा कि CBI ही निष्पक्ष जांच कर सकती है।

CG News: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर उच्च अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया और कहा कि जांच आधी-अधूरी है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में कुछ नेताओं और कई रिटायर्ड आईएएस अफसरों के नाम सामने आए हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट ने CBI को 15 दिन के भीतर FIR दर्ज करने और सभी दस्तावेज जब्त करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा- चूंकि आरोप उच्च अधिकारियों पर हैं, इसलिए जांच प्रभावित हो सकती है। शासन की तरफ से कोर्ट के बताया गया कि इतना बड़ा बजट नहीं है। जिन पर आरोप लगे हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया था। याचिकाकर्ता को नौकरी से निकाला गया, इसलिए गलत तथ्य पेश किया है।

CG News: दरअसल यह पूरा मामला समाज कल्याण विभाग के अधीन राज्य स्रोत निःशक्तजन संस्थान में फर्जी NGO बनाकर सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया गया। RTI और ऑडिट रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर ₹5.67 करोड़ की गड़बड़ियां मिलीं। कांग्रेस शासनकाल में भी जांच हुई, लेकिन दोषी मामला ठंडे बस्ते में चला गया। रिपोर्ट में 31 प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ, जिसमें अग्रिम राशि का दुरुपयोग और फर्जी खर्च शामिल हैं।

CG News: इधर घोटाले पर छत्तीसगढ़ में सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि यदि हाईकोर्ट ने इतने गंभीर आरोप कहे हैं तो यह बेहद शर्मनाक है। अधिकारियों को खुद आगे आकर जांच में सहयोग करना चाहिए। वहीं कांग्रेस के छत्तीसगढ़ संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जांच हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही है, लेकिन जब घोटाला हुआ तो इन्हें संरक्षण किसने दिया? आखिर इतनी बड़ी नियुक्तियां किसने कीं। बीजेपी को इसका जवाब देना चाहिए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019