CG News: FIR से पहले सुनवाई का हक नहीं: हाईकोर्ट, अंबेडकर अस्पताल के पीईटी-सीटी स्कैन और गामा कैमरा मशीनों की खरीदी से जुड़ा है मामला

CG Coal Transport Scam: High Court Dismisses 9 Appeals by Ranu Sahu and Family Members Against ED Attachment Orders
CG Coal Transport Scam: High Court Dismisses 9 Appeals by Ranu Sahu and Family Members Against ED Attachment Orders
CG News: बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को, जिसे किसी मामले में आरोपी बनाया जा सकता है, एफआईआर दर्ज होने से पहले अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि जांच शुरू होने से पहले संभावित आरोपी की सुनवाई अनिवार्य हो।
CG News: मामला रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में पीईटी-सीटी स्कैन और गामा कैमरा मशीनों की खरीदी और स्थापना से जुड़ा है। इस प्रक्रिया में करीब 18.45 करोड़ रुपए के गबन और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस मामले में तत्कालीन संयुक्त संचालक सह अधीक्षक डॉ. विवेक चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
CG News: याचिकाकर्ता डॉक्टर की ओर से कहा गया कि उनकी भूमिका सिर्फ तकनीकी जानकारी देने तक सीमित थी। खरीद प्रक्रिया छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने संभाली थी। जांच समिति ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया और उनके खिलाफ एफआईआर की सिफारिश बिना ठोस आधार के की गई
CG News: राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि जांच समिति केवल तथ्य जुटाने वाली इकाई थी। इसके अलावा सरकार को संज्ञेय अपराधों की जांच का स्वतंत्र अधिकार है। साथ ही, संभावित आरोपी को जांच शुरू होने से पहले सुनवाई का कोई अधिकार नहीं है।
CG News: न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि एफआईआर से पहले सुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों के काम में शुरुआती स्तर पर दखल नहीं देना चाहिए।


