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CG News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित उनके निवास कार्यालय में बुधवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में कल्याण, अक्षय ऊर्जा, वन्यजीव संरक्षण, शिक्षा, और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में राज्य के विकास को गति देने के लिए कई फैसलों को मंजूरी दी गई।
1. अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को विशेष सुविधाएं
मंत्रिपरिषद ने तकनीकी कारणों से अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं हो पाई कुछ जातियों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया। डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव, पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य और डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य मानते हुए राज्य मद से छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति, और छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीटों के तहत प्रवेश की सुविधा दी जाएगी।
2. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप के लिए वित्तीय सहायता
छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना के लिए वित्तीय सहायता का निर्णय लिया। वित्तीय सहायता: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्रीय और राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
1 किलोवाट सोलर प्लांट के लिए कुल 45,000 रुपये (30,000 रुपये केंद्र + 15,000 रुपये राज्य सहायता)।
3 किलोवाट या अधिक के लिए 1,08,000 रुपये (78,000 रुपये केंद्र + 30,000 रुपये राज्य सहायता)। लक्ष्य: वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे क्रमशः 180 करोड़ और 210 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सब्सिडी के लिए अलग बैंक खाता खोला जाएगा।
3. बाघ संरक्षण और ईको-टूरिज्म के लिए ‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’
मंत्रिपरिषद ने राज्य में बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी के गठन को मंजूरी दी। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्य करेगी और स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।बाघों की घटती आबादी (वर्तमान में 18-20) को बचाना, ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार सृजन। लाभ: पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान, और प्रशिक्षण को प्रोत्साहन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर।
4. रामकृष्ण मिशन आश्रम और विश्वास का एकीकरण
मंत्रिपरिषद ने रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवाएं, छत्तीसगढ़ (विश्वास) को आश्रम में विलय करने की मंजूरी दी।
5. उद्यानिकी महाविद्यालय के लिए भूमि आवंटन
बेमेतरा जिले के साजा तहसील के बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया, ताकि उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जा सके।
6. ‘JashPure’ ब्रांड का हस्तांतरण
जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल और महुआ चाय जैसे उत्पादों के JashPure ब्रांड को राज्य शासन या CSIDC को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। इससे स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
7. शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए अनुकंपा नियुक्ति में संशोधन
नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के पात्र सदस्यों को पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों में और किसी भी जिला या संभाग में अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया। पहले यह नियुक्ति उसी विभाग में दी जाती थी, जिसमें शहीद सेवक कार्यरत था।
8. गौण खनिजों के लिए स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट
मंत्रिपरिषद ने स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके तहत गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2% हिस्सा SMET फंड में जमा होगा, जिसका उपयोग अन्वेषण, अधोसंरचना विकास, और उच्च तकनीकों के लिए किया जाएगा। ये निर्णय छत्तीसगढ़ के सामाजिक, आर्थिक, और पर्यावरणीय विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।
