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CG News: भारत विभाजन विभीषिका दिवस, राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय, कहा – विभाजन इतिहास की गहरी पीड़ा

Dev Verma
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CG News: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच पर आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य रूप से हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं और विस्थापन की कहानियां आज भी मन को झकझोर देती हैं।

CG News: मुख्यमंत्री साय ने संगोष्ठी में बताया कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा, कई स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। अमृतसर स्टेशन जैसी घटनाएं उस कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी भारत आने वाले लोग साहस और परिश्रम के साथ जीवन में नई शुरुआत करने में सफल हुए।

CG News: संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जूदेव ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनका व्यक्तित्व विशाल एवं परोपकारी था।

CG News: मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों से हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते वर्षों में हर-घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं को जन-जन तक पहुंचाने की सराहना की।

CG News: राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हमें एकजुट होकर भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करना चाहिए। अध्यक्ष डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय की कष्टप्रद घटनाओं, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए और आने वाली पीढ़ी को इसके बारे में जागरूक करना आवश्यक है।

CG News: कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


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