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CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 (Chhattisgarh Freedom of Religion Bill, 2026) को 7 अप्रैल 2026 को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई। बजट सत्र में पारित इस विधेयक पर राज्यपाल रमेन डेका ने अपनी अनुमति दे दी है। इसके मुताबिक अब धर्म परिवर्तन के लिए 60 दिन पहले आवेदन देना होगा। अब ये कानून के रूप में लागू कर दिया गया है।
CG News: छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026. 1968 के अधिनियम को प्रतिस्थापित करता है। यह कानून जबरन, धोखे, लालच या विवाह के लिए कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन को अवैध मानता है और उल्लंघन पर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
CG News: छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के प्रावधान:
1.कठोर सज़ा: सामूहिक धर्मांतरण (दो या अधिक लोग) के लिए 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 रुपए लाख जुर्माने का प्रावधान है।
2.विवाह के लिए धर्मांतरण: केवल विवाह के लिए किया गया धर्मांतरण अवैध (शून्य) माना जाएगा। विवाह से पहले संबंधित पक्षों को जिलाधिकारी (DM) को पूर्व सूचना देनी होगी।
3.अपराध की प्रकृति: इस कानून के तहत अपराध संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-bailable) होंगे, जिनकी जाँच सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे।
4.पूर्व-सूचित प्रक्रिया: धर्मांतरण करने से पहले सक्षम अधिकारी को आवेदन देना होगा, जिसके बाद जांच की प्रक्रिया होगी।
5.विदेशी फंडिंग पर रोक: कानून के तहत विदेशी या घरेलू वित्तीय सहायता प्राप्त करने पर रोक है जिसका उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन कराना हो।
6.विशेष न्यायालय: मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय होंगे, जहाँ 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य है।
7.घर वापसी: स्वैच्छिक रूप से अपने मूल धर्म (पूर्वजों के धर्म) में लौटने को धर्म परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
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