CG News : बाल अधिकारों को मिलेगा मजबूत कवच, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट पर रायपुर में मंथन

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों के संरक्षण, अधिकारों की सुरक्षा और समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 के ड्राफ्ट पर गहन मंथन किया गया। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और हितधारकों से अहम सुझाव जुटाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला अधिकार-आधारित और समन्वित बाल संरक्षण तंत्र की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
CG News : कार्यशाला के दौरान बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम, अनाथ व बेसहारा बच्चों का पुनर्वास, बाल तस्करी, हिंसा, उपेक्षा, कुपोषण और साइबर अपराधों से बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने नीति के ड्राफ्ट और कार्ययोजना की प्रस्तुति देते हुए बताया कि यह नीति किशोर न्याय अधिनियम–2015, संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन (UNCRC) और अन्य राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप, राज्य की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
CG News : छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल अधिकारों की निगरानी, शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत करने तथा संस्थागत व गैर-संस्थागत देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह (पुलिस), श्रम, पंचायत एवं नगरीय प्रशासन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, यूनिसेफ प्रतिनिधि, अन्य राज्यों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हुए।
CG News : तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, बहु-विभागीय समन्वय और सशक्त निगरानी व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखे। प्रतिभागियों को समूहों में बांटकर ड्राफ्ट नीति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी सुझावों को शामिल कर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण नीति–2025 को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि यह राज्य के हर बच्चे के लिए सुरक्षा, अधिकार और भविष्य का मजबूत आधार बन सके।


